Difference between revisions of "Lu Xun Complete Works/hi/Jiwaiji"

From China Studies Wiki
Jump to navigation Jump to search
 
(One intermediate revision by the same user not shown)
Line 1: Line 1:
 
<div style="background-color: #003399; color: white; padding: 12px 15px; margin: 0 0 20px 0; border-radius: 4px; font-size: 1.1em;">
 
<div style="background-color: #003399; color: white; padding: 12px 15px; margin: 0 0 20px 0; border-radius: 4px; font-size: 1.1em;">
<span style="font-weight: bold;">भाषा:</span> [[Lu_Xun_Complete_Works/zh/Jiwaiji|ZH]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/en/Jiwaiji|EN]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/de/Jiwaiji|DE]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/es/Jiwaiji|ES]] · <span style="color: #FFD700; font-weight: bold;">HI</span> · [[Lu_Xun_Complete_Works|← सूची]]
+
<span style="font-weight: bold;">Language:</span> [[Lu_Xun_Complete_Works/zh/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">ZH</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/en/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">EN</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/de/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">DE</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/fr/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">FR</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/es/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">ES</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/it/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">IT</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/ru/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">RU</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/ar/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">AR</span>]] · <span style="color: #FFD700; font-weight: bold;">HI</span> · [[Lu_Xun_Complete_Works/zh-en/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">ZH-EN</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/zh-de/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">ZH-DE</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/zh-fr/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">ZH-FR</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/zh-es/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">ZH-ES</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/zh-it/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">ZH-IT</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/zh-ru/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">ZH-RU</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/zh-ar/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">ZH-AR</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works/zh-hi/Jiwaiji|<span style="color: #FFD700;">ZH-HI</span>]] · [[Lu_Xun_Complete_Works|<span style="color: #FFD700;">Contents</span>]]
 
</div>
 
</div>
  

Latest revision as of 00:31, 10 April 2026

Language: ZH · EN · DE · FR · ES · IT · RU · AR · HI · ZH-EN · ZH-DE · ZH-FR · ZH-ES · ZH-IT · ZH-RU · ZH-AR · ZH-HI · ← Contents

बिखरे लेखों का संग्रह (集外集)

लू शुन (鲁迅, Lǔ Xùn, 1881–1936)

चीनी से हिंदी में अनुवाद।


संपादकीय टिप्पणी

अक्टूबर 1936 में, श्री लू शुन (鲁迅) का शंघाई (上海) में निधन हुआ। श्री लू शुन स्मारक समिति, जिसके अध्यक्ष छाई युआनपेई (蔡元培) थे, ने "लू शुन की भावना के प्रभाव को विस्तारित करने, राष्ट्र की आत्मा को जगाने और प्रकाश के लिए संघर्ष करने" के उद्देश्य से, लगभग दो वर्ष के संपादन के पश्चात् जून 1938 में लू शुन सम्पूर्ण रचनावली (鲁迅全集, प्रथम संस्करण) प्रकाशित की। संपादकीय समिति में छाई युआनपेई, मा यूज़ाओ (马裕藻), शेन जियानशी (沈兼士), माओ दून (茅盾) और झोउ ज़ुओरेन (周作人) सम्मिलित थे।

इस संस्करण की विषय-सूची लू शुन द्वारा जीवनकाल में तैयार रचनाओं की सूची पर आधारित है, जिसमें अनुवादों का खंड भी जोड़ा गया। विषय-वस्तु तीन बड़े भागों में: मूल रचनाएँ, शास्त्रीय ग्रंथों का संपादन-संकलन, तथा अनुवाद। सम्पूर्ण रचनावली में साठ लाख से अधिक अक्षर, बीस खंडों में।

वर्तमान संस्करण 1938 की सम्पूर्ण रचनावली पर आधारित है। विषय-वस्तु और संगठन में 1938 के प्रति अधिकतम निष्ठा रखी गई; केवल कुछ समायोजन — उदाहरणार्थ, बिखरे लेखों की काव्य-शाखा में, लू शुन की कविताओं की रचना-तिथियों पर नवीनतम शोध के अनुसार कुछ कविताओं का क्रम पुनर्व्यवस्थित। 1938 संस्करण में लू शुन के रचयिता न होने वाली कृतियाँ हटा दी गईं।



बिखरे लेखों का संग्रह — पुनर्प्राप्त ग्रंथ

पुरानी यादें (怀旧) — लेखक: झोउ चुओ (周逴)

हमारे घर के सामने एक हरा पालोनिया वृक्ष था, लगभग तीस फ़ुट ऊँचा। प्रत्येक वर्ष आकाश के तारों जितने फल। बच्चे फल गिराने के लिए पत्थर फेंकते, प्रायः पत्थर पाठशाला की खिड़की से भीतर आ जाता; कभी-कभी सीधा मेरी मेज़ पर। प्रत्येक बार गुरु गंजे महोदय (秃先生) बाहर निकलकर डाँटते। पालोनिया की पत्तियाँ एक फ़ुट से अधिक चौड़ीं; ग्रीष्म सूर्य से मुरझातीं, रात की शीतलता में पुनर्जीवित।

द्वारपाल बूढ़े वांग (王叟) कभी-कभी पानी छिड़कते, कुर्सियाँ निकालकर बूढ़ी ली (李妪) के साथ कहानियाँ सुनाते। चंद्रमा डूब जाता, तारे निकलते, केवल चिलम की चिंगारी दिखती, और वे अभी बातें कर रहे होते।

गुरुजी मुझे समानार्थी जोड़ियाँ सिखाते। विषय "लाल पुष्प" (红花); मेरा उत्तर "हरा पालोनिया" (青桐) — अस्वीकार, स्वर-संगति नहीं। बहुत देर बाद "हरी घास" (绿草) दिया। मैं नौ वर्ष का, स्वर-संगति से अनभिज्ञ।

एक दिन पड़ोसी याओज़ोंग (耀宗) चिल्लाता आया: "गुरुजी! लम्बे-बाल वाले (长毛) आ रहे हैं!" गुरुजी चिंतित — "आठ सौ?" याओज़ोंग ने बताया समाचार तीसरे महोदय से। गुरुजी ने बुद्धिमत्ता दिखाई: "यदि सचमुच आएँ, 'आज्ञाकारी प्रजा' (顺民) का बोर्ड लगाओ — किंतु अभी नहीं। परिवार पहले निकालो।"

अंततः पता चला — "लम्बे-बाल" नहीं, केवल शरणार्थी। गुरुजी ठहाका मारकर हँसे। मैं सोच रहा था: "काश सचमुच आते — गुरुजी भागते और लुनयू (论语) पढ़ना बंद!"

रात को बूढ़े वांग ने कहानी सुनाई — युवावस्था में लम्बे-बाल आए, पड़ोसी का सिर काटा, वांग पहाड़ पर भागे, "खज़ाना शिकार" (打宝) में मोती मिला किंतु छीन लिया गया।

"लम्बे-बाल आ रहे..." बूढ़े वांग ने सिर हिलाया। "पहली बार डरावना, बाद में क्या फ़र्क?"

"क्या आप लम्बे-बाल थे, दादाजी?" मैंने पूछा।

"हा हा, नहीं..."

बारिश, बूढ़ी ली ने सोने भेजा। केले की पत्तियों पर बारिश, रेत पर केकड़े-सी। तकिए से सुना, धीरे-धीरे सुनना बंद।

"गुरुजी! अगली बार और प्रयत्न...!" — स्वप्न में चिल्लाया।

"स्वप्न? तू क्या देख रहा था?"

"बस स्वप्न... तुम क्या देख रही थीं, दादी ली?"

"लम्बे-बालों का स्वप्न... कल बताऊँगी। सो जा।"


(1911, लघुकथा पत्रिका (小说月报) में प्रकाशित।)