Lu Xun Complete Works/zh-hi/Feizao

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肥皂 — साबुन (肥皂) — लू शुन के अनुवाद

中文 (Chinese) हिंदी (Hindi)
नोट / 注意: इस रचना में चीनी में 1289 और हिंदी में 38 अनुच्छेद हैं। पूर्ण पाठ के लिए: 中文 और हिंदी
【鼻子 俄国 果戈理  】 == नाक (鼻子) — रूस: गोगोल ==
【一】 === I ===
三月廿五那一天,彼得堡出了异乎寻常的怪事情。住在升天大街的理发匠伊凡·雅各武莱维支(姓可是失掉了,连他的招牌上,也除了一个满脸涂着肥皂的绅士和“兼放淤血”这几个字之外,什么都看不见)——总之——住在升天大街的理发匠,伊凡·雅各武莱维支颇早的就醒来了,立刻闻到了新烤的面包香。他从床上欠起一点身子来,就看见象煞阔太太的,特别爱喝咖啡的他那女人,正从炉子里取出那烤好的面包。 पच्चीस मार्च को पीटर्सबर्ग में एक असाधारण रूप से विचित्र घटना घटी। नाई इवान याकोव्लेविच (伊凡·雅各武莱维支), जो असेंशन गली में रहता था (उसका उपनाम लुप्त हो चुका है, और उसके साइनबोर्ड पर, साबुन से लिपटे चेहरे वाले एक सज्जन और "रक्तमोक्षण भी" शब्दों के अतिरिक्त कुछ नहीं दिखता) — संक्षेप में, असेंशन गली का नाई इवान याकोव्लेविच काफ़ी सवेरे जागा और तुरंत ताज़ी रोटी की सुगंध आई। बिस्तर पर थोड़ा उठकर देखा कि उसकी पत्नी, जो बड़ी मैडम की हवा रखती थी और विशेष रूप से काफ़ी की शौक़ीन थी, ओवन से ताज़ी पकी रोटी निकाल रही थी।
“今天,普拉斯可夫耶·阿息波夫娜,我不想喝咖啡了,”伊凡·雅各武莱维支说;“还是吃一点儿热面包,加上葱。”(其实,伊凡·雅各武莱维支是咖啡和面包都想要的,但他知道一时要两样,可决计做不到,因为普拉斯可夫耶·阿息波夫娜就最讨厌这样的没规矩。)“让这傻瓜光吃面包去,我倒是这样好,”他的老婆想,“那就给我多出一份咖啡来了。”于是就把一个面包抛在桌子上。 "आज, प्रास्कोव्या ओसीपोव्ना (普拉斯可夫耶·阿息波夫娜), मुझे काफ़ी नहीं चाहिए," इवान ने कहा, "गरम रोटी में प्याज़ चाहिए।" (वास्तव में वह दोनों चाहता था, किंतु जानता था कि दोनों एक साथ माँगना असंभव है, क्योंकि प्रास्कोव्या ओसीपोव्ना ऐसे शिष्टाचार-उल्लंघन से घृणा करती थी।) "मूर्ख केवल रोटी खाए, मेरे लिए ठीक," पत्नी ने सोचा, "इससे मुझे काफ़ी का अतिरिक्त हिस्सा मिलेगा।" और मेज़ पर एक रोटी फेंक दी।
伊凡·雅各武莱维支在小衫上罩好了燕尾服,靠桌子坐下了,撒上盐,准备好两个葱头,拿起刀来,显着象煞有介事的脸相,开手切面包。切成两半之后,向中间一望——吓他一跳的是看见了一点什么白东西。伊凡·雅各武莱维支拿刀轻轻的挖了一下,用指头去一摸,“很硬!”他自己说,“这是什么呀?” इवान ने सज्जनता से फ़्रॉककोट कमीज़ के ऊपर पहना, मेज़ पर बैठा, नमक छिड़का, दो प्याज़ तैयार किए, छुरी उठाई और गंभीर मुद्रा से रोटी काटने लगा। दो भागों में काटकर बीच में देखा — कुछ सफ़ेद! सावधानी से छुरी से खोजा, उँगली से टटोला। "कठोर!" बोला। "यह क्या है?"
他伸进指头去,拉了出来——一个鼻子!…… उँगली डाली और निकाला... एक नाक!...
伊凡·雅各武莱维支不由的缩了手,擦过眼睛,再去触触看:是鼻子,真的鼻子!而且这鼻子还好象有些认识似的。伊凡的脸上就现出惊骇的神色来。但这惊骇,却敌不过他那夫人所表现的气恼。 इवान ने हाथ पीछे खींचा, आँखें मलीं, फिर टटोला: नाक, वास्तविक नाक! और यह नाक उसे धुँधले-से परिचित भी लगी। इवान के चेहरे पर भय व्याप्त हो गया। किंतु वह भय कुछ भी नहीं था उस क्रोध की तुलना में जो उसकी पत्नी ने प्रदर्शित किया।
“你从那里削了这鼻子来的,你这废料?”她忿忿的喝道。“你这流氓,你这酒鬼!我告诉警察去!这样的蠢货,我早听过三个客人说,你理发的时候总是使劲的拉鼻子,快要拉下来!” "यह नाक कहाँ से काटी, निकम्मे!" वह गरजी। "बदमाश! शराबी! पुलिस को बता दूँगी!"
但伊凡·雅各武莱维支却几乎没有进气了;他已经知道这并非别人的鼻子,正是每礼拜三和礼拜日来刮胡子的八等文官可伐罗夫的。 किंतु इवान साँस भी नहीं ले पा रहा था; उसने पहचान लिया कि यह नाक किसी और की नहीं, सहायक सलाहकार कोवाल्योव (可伐罗夫) की थी, जो प्रत्येक बुधवार और रविवार हजामत बनवाने आता।
“等一等,普拉斯可夫耶·阿息波夫娜!用布片包起来,放在角落上罢;这么搁一下,我后来抛掉它就是。” बहुत देर तक सोचने के बाद, इवान ने नाक कपड़े में लपेटी और बाहर निकला — किसी पुल या गली में फेंक देने के इरादे से। किंतु बदक़िस्मती ने हर मोड़ पर कोई-न-कोई परिचित सामने ला दिया। अंततः सेंट आइज़ैक पुल पर पहुँचा और नाक नेवा नदी (涅瓦河) में फेंक दी।
“不成!什么,一个割下来的鼻子放在我的屋子里,我肯的!……真是废料!他光会皮条磨剃刀,该做的事情就不知道马上做。你这闲汉,你这懒虫!你想我会替你去通报警察的吗?对不起!你这偷懒鬼,你这昏蛋!拿出去!随你拿到什么地方去!你倒给我闻着这样的东西的气味试试看!” === II ===
伊凡·雅各武莱维支象被打烂了似的站着。他想而又想——但不知道应该想什么。“怎么会有这样的事情的呢,”他搔着耳朵背后,终于说,“昨晚上回来的时候,喝醉了没有呢,可也不大明白了。可是,这事情,想来想去,总不象真的。首先,是面包烤得热透了的,鼻子却一点也不。这事情,我真想不通!”伊凡·雅各武莱维支不作声了。一想到如果警察发见这鼻子,就会给他吃官司,急得几乎要死。他眼前已经闪着盘银线的红领子,还看见一把剑在发光——他全身都抖起来了。于是取出裤子和靴子来,扮成低微模样,由他的爱妻的碎话送着行,用布片包了鼻子,走到街道上。 सहायक सलाहकार कोवाल्योव सवेरे जागा और "ब्र्र्र..." किया — जो सदैव करता, बिना कारण जाने। मेज़ पर का दर्पण उठाया — नाक की नोक पर रात का दाना देखने — किंतु भारी आतंक! नाक के स्थान पर समतल सतह! वह चिकोटी काटकर देखा — स्वप्न नहीं! जल्दी से कपड़े पहने, पुलिस थाने की ओर दौड़ा।
他原是想塞在那里的大门的基石下,或者一下子在什么街上抛掉,自己却弯进横街里面的。然而运气坏,正当紧要关头,竟遇见了一个熟人,问些什么“那里去,伊凡·雅各武莱维支?这么早,到谁家出包去呀”之类,使他抓不着机会。有一回,是已经很巧妙的抛掉的了,但远远的站着的岗兵,却用他那棍子指着叫喊道:“检起来罢,你落了什么了?”这真叫伊凡·雅各武莱维支除了仍然拾起鼻子来,塞进衣袋里之外,再没有别样的办法。这时候,大店小铺,都开了门,走路的人也渐渐的多起来,他也跟着完全绝望了。 किंतु रास्ते में एक गाड़ी रुकी, एक सज्जन उतरा — स्वर्ण-कशीदे वाली वर्दी, तलवार, ऊँचा कॉलर — और सीढ़ियाँ चढ़कर भवन में अंतर्धान हुआ। कोवाल्योव ने पहचाना: यह उसकी अपनी नाक थी! राज्य सलाहकार (पाँचवाँ दर्जा) की वर्दी में!
他决计跑到以撒桥头去。也许怎么一来,可以抛在涅伐河里的罢?——但是,至今没有叙述过这一位有着许多可敬之处的我们的伊凡·雅各武莱维支,却是作者的错处。 "सम्माननीय महोदय..." कोवाल्योव ने साहस जुटाकर कहा।
恰如一切象样的俄国手艺工人一般,伊凡·雅各武莱维支是一个可怕的倒醉鬼;虽然天天刮着别人的脸,自己的却是向来不刮的。他那燕尾服(他决没有穿过常礼服)都是斑,因为本来是黑的,但到处变了带灰的黄色;硬领是闪闪的发着光,扣子掉了三个,只剩着线脚,然而伊凡·雅各武莱维支是一位伟大的冷嘲家,例如那八等文官可伐罗夫刮脸的时候,照例的要说:“你的手,伊凡·雅各武莱维支,总是有着烂了似的味儿的!”那么,伊凡·雅各武莱维支便回问道:“怎么会有烂了似的味儿的呢?”“这我不知道,朋友,可是臭的厉害呀。”八等文官回答说。伊凡·雅各武莱维支闻一点鼻烟,于是在面庞上,上唇上,耳朵背后,下巴底下——总而言之,无论那里,都随手涂上肥皂去,当作他的答话。 "क्या चाहते हैं?" नाक ने मुड़कर उत्तर दिया।
这可敬的市民现在到了以撒桥上了。他首先向周围一望,接着是伏在桥栏上,好象要看看下面可有许多鱼儿游着没有的样子,就悄悄的抛掉了那包着鼻子的布片,他仿佛一下子卸去了十普特[13]重的担子似的,伊凡·雅各武莱维支甚至于微笑了起来。他改变了去刮官脸的豫定,回转身走向挂着“茶点”的招牌那一面去了,因为想喝一杯热甜酒,——这时候,他突然看见一位大胡子,三角帽,挂着剑的风采堂堂的警察先生站在桥那边。伊凡·雅各武莱维支几乎要昏厥了。那警察先生用两个指头招着他,说道:“来一下,你!” "मुझे अत्यंत विचित्र लगता है... आपको अपना स्थान ज्ञात होना चाहिए..."
伊凡·雅各武莱维支是明白礼数的人,他老远的就除下那没边的帽子,赶忙走过去,说道:“阿呀,您好哇。” "क्षमा करें, मैं कुछ नहीं समझा। स्पष्ट बताइए।"
“好什么呢。倒不如对我说,朋友,你站在那里干什么了?” "मैं सहायक सलाहकार हूँ, और बिना नाक के घूमना शोभनीय नहीं..."
“什么也没有,先生,我不过做活回来,去看了一下水可流得快。” "आप ग़लतफ़हमी में हैं। मैं स्वयं हूँ। हमारे बीच कोई संबंध नहीं।"
“不要撒谎!瞒不了我的。照实说!” कोवाल्योव पूर्णतः स्तब्ध रह गया। उसने समाचार-पत्र कार्यालय जाकर विज्ञापन देने का प्रयास किया — "नाक खो गई, पुरस्कार मिलेगा" — किंतु लिपिक ने मना कर दिया: "ऐसा विज्ञापन हम नहीं छाप सकते।"
“唔唔,是的,我早先就想,一礼拜两回,是的,就是三回也可以,替您先生刮刮脸,自然,这边是什么也不要的,先生。”伊凡·雅各武莱维支回答道。 [गोगोल की कहानी आगे भी जारी रहती है: नाक अंततः एक पुलिस अधिकारी द्वारा पकड़ी जाती है और कोवाल्योव को लौटा दी जाती है।]
“喂,朋友,不要扯谈!我的胡子是早有三个理发匠刮着的了,他们还算是很大的面子哩,你倒不如说你的事。还是赶快说:你在那里干什么?” == जीद का आत्मचित्र — जापान: इशिकावा ताकेशी (石川武) ==
伊凡·雅各武莱维支的脸色发了青……但到这里,这怪事件却完全罩在雾里了,后来怎么呢,一点也不知道。 जीद की फ़्रांसीसी सम्पूर्ण रचनावली के तृतीय खंड में "लेखक का चित्र" शीर्षक का एक संक्षिप्त निबंध है। तिथि अज्ञात; शायद 1901 के आसपास। चूँकि यह अभी भी रोचक है, यहाँ पूर्ण रूप से प्रस्तुत।
【二】 उल्लिखित वालोतों (Vallotton) एक प्रसिद्ध फ़्रांसीसी उत्कीर्णक थे। कवि गूरमों (Gourmont) के साहित्यिक निबंध-संग्रह मुखौटों की पुस्तक में उन्होंने अनेक फ़्रांसीसी लेखकों के चित्र बनाए।
八等文官可伐罗夫醒得还早,用嘴唇弄了个“勃噜噜……”——这是他醒来一定要弄的,为什么呢,连他自己也说不出。可伐罗夫打过欠伸,就想去拿桌上的小镜子,为的是要看看昨夜里长在鼻子尖上的滞气[14]。但他吓了一大跳,该是鼻子的地方,变了光光滑滑的平面了!吓坏了的可伐罗夫拿过水来,湿了手巾,,擦了眼,但是,的确没有了鼻子!他想,不是做梦么,便用一只手去摸着看,拧着身子看,然而总好象不能算做梦。八等文官可伐罗夫跳下床,把全身抖擞了一通——但是,他没有鼻子!他叫立刻拿了衣服来,飞似的跑到警察总监那里去了。 (अनुवाद (译文), खंड 1, अंक 2, 16 अक्टूबर 1934 में प्रकाशित।)
但我们应该在这里讲几句关于可伐罗夫的话,给读者知道这八等文官究竟是怎样的一个人。说起八等文官来,就有种种。有靠着学校的毕业文凭,得到这个头衔的,也有从高加索那边弄到手的。这两种八等文官,就完全不一样。学校出身的八等文官……然而俄罗斯是一个奇特的国度,倘有谁说到一个八等文官罢,那么,从里喀以至勘察加的一切八等文官,就都以为说着了他自己。而且也不但八等文官,便是别的官职和头衔的人们,不妨说,也全是这样的;可伐罗夫便是高加索班的八等文官。他弄到了这地位,还不过刚刚两年,所以没有一刻忘记过这称号。但是,为格外体面和格外出色起见,他自己是从来不称八等文官的,总说是少佐。“好么,懂了罢”,如果在路上遇见一个卖坎肩的老婆子,他一定说,“送到我家里去。我的家在花园街。只要问:可伐罗夫少佐住在这里么?谁都会告诉你的。”倘是漂亮的姑娘,就还要加一点秘密似的嘱咐,悄悄的说道:“问去,我的好人,可伐罗夫少佐的家呀。”所以,从此以后,我们也不如称他少佐罢。 == प्रेम-गीत — रूमानिया, सादोवेयानू ==
这可伐罗夫少佐是有每天上涅夫斯基大街散步的习惯的。他那坎肩上的领子总是雪白,挺硬。颊须呢,现在就修得象府县衙门里的测量技师,建筑家,联队里的军医,或是什么都独断独行,两颊通红,很能打波士顿纸牌的那些人们模样。这颊须到了面颊的中央之后,就一直生到鼻子那里去。可伐罗夫少佐是总带着许多淡红玛瑙印章的,有些上面刻着纹章,有些是刻着“星期三”“星期四”“星期一”这些字。可伐罗夫少佐的上圣彼得堡,当然有着他的必需,那就是在找寻和他身分相当的位置。着眼的是,弄得好,则副知事,如果不成,便是什么大机关的监督的椅子。可伐罗夫少佐也并非没有想到结婚,但是,必须有二十万圆的赔嫁,那么,读者也就自己明白,当发见他模样不坏而且十分稳当的鼻子,变了糟糕透顶的光光滑滑的平面的时候,少佐是怎样的心情了。 हमारी गाड़ियाँ ज़ीगोनारी वन के समतल भाग में रुकीं। बड़ी जलती लकड़ी की अलाव गाड़ीवानों को लालिमा में नहला रही थी। अंधेरी दूरी में जुए से मुक्त बैल विश्राम कर रहे थे। रात गुनगुनी और शांत। तारे निर्मल आकाश में जगमगा रहे। अलाव के चारों ओर लोग चिलम पी रहे थे। एक ने गाना शुरू किया — प्रेम और विरह, वन और पर्वत की एक पुरानी धुन।
不凑巧的是街上连一辆马车也没有。他只好自己走,裹紧了外套,用手帕掩着脸,象是出了鼻血的样子。“也许是误会的。既然是鼻子,想来不至于这样瞎跑。”他想着,就走近一家点心店里去照镜。幸而那点心店里没有什么人;小伙计们在打扫房间,排好桌椅。还有几个是一副渴睡的脸,正用盘子搬出刚出笼的馒头来。沾了咖啡渍的昨天的报纸,被弃似的放在桌椅上。“谢天谢地,一个人也没有”,他想,“现在可以仔细的看一下了。”他惴惴的走到镜子跟前,就一望,“呸,畜生,这一副该死的脸呵!”他唾了一口,说,“如果有一点别的东西替代了鼻子,倒还好!可是什么也没有!……” रूमानिया के वनों में हर अलाव पर यही पुरानी धुनें गूँजतीं — यात्रियों, व्यापारियों, बेघरों का गीत।
他懊丧得紧咬着嘴唇,走出了点心店。并且决意破了向来的惯例,在路上对谁也不用眼睛招呼,或是微笑了。但忽然生根似的他站住在一家的门前,他看见了出乎意料之外的事。那门外面停下了一辆马车,车门一开,就钻出一个穿礼服的绅士来,跑上阶沿去。当可伐罗夫看出那绅士就是他自己的鼻子的时候,他真是非常害怕,非常惊骇了!一看见这异乎寻常的现象,他觉得眼前的一切东西都在打旋子,就是要站稳也很难。但是,他终于下了决心——发疟疾似的全身颤抖着——无论如何,总得等候那绅士回到车子里。两分钟之后,鼻子果然下来了!他穿着高领的绣金的礼服,软皮裤,腰间还挂着一把剑。从带着羽毛的帽子推测起来,确是五等文官的服装;也可见是因公的拜会。他向两边一望,便叫车夫道:“走罢!”一上车,就这么的跑掉了。 (अनुवाद (译文) के अंतिम अंक में, 16 सितंबर 1935 को प्रकाशित।)
可怜的可伐罗夫几乎要发疯。他不知道对于这样的怪事情,自己应该怎么想。昨天还在他脸上,做梦也想不到它会坐着马车,跑来跑去的鼻子,竟穿了礼服——怎么会有这样的事情呢!他就跟着马车跑上去。幸而并不远,马车又在一个旅馆前面停下了。 == ग्राम-महिला — बुल्गारिया, वाज़ोव ==
他也急急忙忙的跑到那边去。有一群女乞丐,脸上满包着绷带,只雕两个洞,露着那眼睛。这样子,他先前是以为可笑的。他冲过了乞丐群。另外的人还很少。可伐罗夫很兴奋,自己觉得心神不定,只是圆睁了眼睛,向各处找寻着先前的绅士。终于发见他站在一个铺子前面了。鼻子将脸埋在站起的高领里,正在很留神似的看着什么货色。 (एक ऐतिहासिक प्रसंग)
“我怎么去接近呢,”可伐罗夫想,“看一切——那礼服,那帽子——总之,看起一切打扮来,一定是五等文官。畜生,这真糟透了!” बीस मई 1876 को — उसी दिन जब बोतेव की सेना बाल्कन में पराजित हुई — एक ग्राम-महिला जो पड़ोसी गाँव एत्रोपोले से आई थी, इस्केर नदी के उथले स्थान पर पहुँची। वसंत की वर्षा से नदी उफ़नाई हुई, भयावह दिख रही थी। किंतु महिला को पार करना था: दूसरी ओर उसके पति और बच्चे प्रतीक्षा कर रहे थे।
他开始在那绅士旁边咳嗽了一下,但鼻子却一动也不动。 उसने निर्णय लिया। किसानी हाथों से नाव जल में धकेली। चप्पू पकड़ा और ख़ेने लगी — धारा के विरुद्ध, भय के विरुद्ध, अंधेरे के विरुद्ध।
“可敬的先生……”可伐罗夫竭力振作着,说,“可敬的先生……” इस अनाम महिला की कहानी उस वर्ष बुल्गारिया की कहानी है: प्रचंड धारा में एक छोटी-सी नाव, और दूसरे किनारे तक पहुँचने की अदम्य इच्छाशक्ति।
“您贵干呀?”鼻子转过脸来,回答说。 (अनुवाद (译文) में, 16 सितंबर 1935 को प्रकाशित।)
“我真觉得非常奇怪,极可敬的先生……您应该知道您自己的住处的……可是我忽然在这里看见了您……什么地方?……您自己想想看……” == मृत आत्माएँ (अंश) — रूस, गोगोल ==
“对不起,您说的什么,我一点也不懂……请您说得清楚些罢。” प्रथम दिन, आन्द्रेई इवानोविच (安德烈·伊凡诺维奇) अतिथि के आगमन से कुछ चिंतित थे। किंतु चिंता निराधार निकली। हमारे मित्र पावेल इवानोविच (巴维尔·伊凡诺维奇) ने अनुकूलन की सचमुच उल्लेखनीय प्रतिभा प्रदर्शित की। उन्होंने मेज़बान की दर्शन-प्रणाली को सच्चे अर्थ में विद्वत्तापूर्ण बताया, घोषणा की कि ग्रामीण जीवन ही मनुष्य के योग्य एकमात्र जीवन है। संक्षेप में, पावेल इवानोविच में प्रत्येक व्यक्ति को दिखाने की कुशलता थी कि वे ठीक उन्हीं की राय रखते हैं।
“教我怎么能说得更清楚呢?”可伐罗夫想,于是从新振作,接下去道,“自然……还有,我是少佐,一个少佐的我,没了鼻子在各处跑,不是太不象样么?如果是升天桥上卖着剥皮橘子的女商人或者什么,那么,没了鼻子坐着,也许倒是好玩的罢。然而,我正在找一个职位……况且我认识许多人家的夫人——譬如五等文官夫人契夫泰来瓦以及别的……请您自己想想看……真的是没有法子了,我实在……(这时可伐罗夫少佐耸一耸肩膀)……请您原谅罢……这事情,如果照着义务和名誉的法律说起来……不过这是您自己很明白的……” तेन्तेत्निकोव (田登尼可夫) चकित: "अत्यंत विलक्षण व्यक्ति, यह चिचिकोव (乞乞可夫)!" चिचिकोव ने सोचा: "विचित्र प्रकार, यह तेन्तेत्निकोव!" फिर ज़ोर से बोला: "भाई की तरह दो जो माँगता हूँ।" स्वर इतना सच्चा कि तेन्तेत्निकोव लगभग द्रवित हो गया। लगभग — क्योंकि चेतना की गहराई में एक अनाम अविश्वास हिल रहा था।
“我一点也不懂,”鼻子回答说,“还是请您说得清楚些罢。”
“可敬的先生,”可伐罗夫不失他的威严,说,“倒是我不懂您的话是什么意思了……我们的事情是非常明白的……如果您要我说……那么,您是——我的鼻子吗!”
鼻子看定了少佐,略略的皱一皱眉。
EN: [The Nose -- Russia: Gogol]
[I]
On the twenty-fifth of March, an extraordinarily strange event occurred in Petersburg. The barber Ivan Yakovlevich, residing on Ascension Avenue (his surname has been lost, and on his shop sign, apart from a gentleman with a face lathered in soap and the words "Also Bloodletting," nothing was to be seen) -- in short, the barber Ivan Yakovlevich, residing on Ascension Avenue, awoke quite early and immediately smelled freshly baked bread. Raising himself slightly in bed, he saw his wife, who looked like a fine lady and was particularly fond of coffee, taking the freshly baked bread out of the oven.
"Today, Praskovya Osipovna, I don't want coffee," said Ivan Yakovlevich, "I'd rather have some hot bread with onions." (In truth, Ivan Yakovlevich wanted both coffee and bread, but he knew it was absolutely impossible to ask for both at once, since Praskovya Osipovna utterly detested such bad manners.) "Let the fool eat just bread, that suits me fine," thought his wife, "that means an extra portion of coffee for me." And she tossed a loaf on the table.
Ivan Yakovlevich put on his tailcoat over his undershirt, sat down at the table, sprinkled salt, prepared two onion heads, took up the knife, and with a most solemn expression began to cut the bread. Having divided it in two, he looked at the middle and was startled to see something white inside. Ivan Yakovlevich carefully poked with the knife and felt with his finger. "Quite hard!" he said. "What on earth is this?"
He stuck his finger in and pulled out -- a nose! ...
Ivan Yakovlevich involuntarily drew back his hand, rubbed his eyes, and felt again: a nose, a real nose! And this nose even seemed somehow familiar. Horror appeared on Ivan's face. But this horror was nothing compared to the fury displayed by his wife.
"Where did you cut that nose off, you good-for-nothing?" she shouted angrily. "You scoundrel, you drunkard! I'll report you to the police! You oaf! I've already heard from three customers that when you shave them you pull their noses so hard they nearly come off!"
But Ivan Yakovlevich was nearly breathless; he had already recognized that this was none other than the nose of Collegiate Assessor Kovalyov, who came to be shaved every Wednesday and Sunday.
"Wait, Praskovya Osipovna! I'll wrap it in a cloth and put it in the corner. Let it stay there for now; later I'll throw it away."
"No! What, a cut-off nose lying in my room -- I won't have it! ... You good-for-nothing! All you can do is strop your razor, but what you ought to do you never do straight away. You layabout, you blockhead! Do you think I'll go to the police for you? No thank you! You sluggard, you fool! Take it away! Wherever you like! But don't make me smell such a thing!"
Ivan Yakovlevich stood there as if beaten. He thought and thought -- but did not know what to think. "How can such a thing happen?" he said at last, scratching behind his ear. "Whether I came home drunk last night, I can't rightly remember. But this business, no matter how I think about it, doesn't seem real. First of all, bread is baked thoroughly, but a nose is not at all. I simply cannot figure it out!" Ivan Yakovlevich fell silent. The thought that the police might discover the nose on his person and prosecute him nearly drove him mad. Before his eyes already flashed the red collar with silver braid, and a sword gleamed -- he trembled all over. He took out trousers and boots, dressed himself as inconspicuously as possible, and accompanied by his dear wife's nagging, went out into the street with the nose wrapped in a cloth.
He had intended to stuff it under a doorstep or drop it somewhere on the street and then turn into a side lane. But bad luck had it that at the critical moment he always ran into an acquaintance who asked things like "Where are you off to, Ivan Yakovlevich?" or "Whose place are you going to for a shave so early?" -- so he could find no opportunity. Once he had already dropped it very skillfully, but a sentry standing far off pointed his stick at him and shouted: "Pick that up! You've dropped something!" This left Ivan Yakovlevich no choice but to pick up the nose again and put it in his pocket. Meanwhile, shops opened their doors and more and more pedestrians appeared, and he despaired completely.
He decided to run to the St. Isaac's Bridge. Perhaps somehow he could throw it into the Neva? -- But it is the author's fault that until now nothing has been said about our Ivan Yakovlevich, who possesses many respectable qualities.
Like all proper Russian artisans, Ivan Yakovlevich was a terrible drunkard; though he shaved other people's faces every day, his own remained perpetually unshaven. His tailcoat (he never wore a frock coat) was covered in stains: originally black, it had turned grayish-yellow everywhere; the stiff collar shone, and three buttons were missing, leaving only the thread stumps. Yet Ivan Yakovlevich was a great satirist. For instance, when Collegiate Assessor Kovalyov said during his shave, as was his custom: "Your hands, Ivan Yakovlevich, always smell rotten!" -- Ivan Yakovlevich would reply: "Why should they smell rotten?" -- "I don't know, friend, but they stink terribly," the Collegiate Assessor answered. Ivan Yakovlevich would take a pinch of snuff and then lather cheeks, upper lip, behind the ears, under the chin -- in short, wherever his hand happened to go -- all with soap, as his answer.
DE: [Die Nase -- Russland: Gogol]
[I]
Am fuenfundzwanzigsten Maerz ereignete sich in Petersburg ein ausserordentlich merkwuerdiges Vorkommnis. Der Barbier Iwan Jakowlewitsch, wohnhaft in der Himmelfahrtsstrasse (sein Familienname ist verloren gegangen, und selbst auf seinem Firmenschild war ausser einem mit Seife eingeschmierten Herrn und den Worten „Auch Aderlassen" nichts zu sehen) -- kurz und gut, der Barbier Iwan Jakowlewitsch, wohnhaft in der Himmelfahrtsstrasse, erwachte recht frueh und roch sogleich frisch gebackenes Brot. Als er sich im Bett ein wenig aufrichtete, sah er seine Frau, die wie eine vornehme Dame wirkte und besonders gern Kaffee trank, gerade das fertig gebackene Brot aus dem Ofen nehmen.
„Heute, Praskowja Ossipowna, moechte ich keinen Kaffee," sagte Iwan Jakowlewitsch, „lieber ein Stueck warmes Brot mit Zwiebeln." (In Wirklichkeit wollte Iwan Jakowlewitsch beides haben, Kaffee und Brot, doch er wusste, dass es ausgeschlossen war, beides gleichzeitig zu verlangen, denn Praskowja Ossipowna hasste solche Unmanier.) „Soll der Dummkopf ruhig nur Brot essen, mir ist es recht," dachte seine Frau, „dann bleibt fuer mich eine Portion Kaffee mehr." Und sie warf ein Brot auf den Tisch.
Iwan Jakowlewitsch zog ueber sein Unterhemd den Frack, setzte sich an den Tisch, streute Salz, bereitete zwei Zwiebeln vor, nahm das Messer und begann mit aeusserst wichtiger Miene das Brot zu schneiden. Als er es in zwei Haelften geteilt hatte und hineinschaute, erschrak er: etwas Weisses war darin zu sehen. Iwan Jakowlewitsch bohrte vorsichtig mit dem Messer hinein und tastete mit dem Finger: „Ganz hart!" sagte er. „Was ist das nur?"
Er steckte den Finger hinein und zog heraus -- eine Nase!...
Iwan Jakowlewitsch zog unwillkuerlich die Hand zurueck, rieb sich die Augen und tastete noch einmal: eine Nase, tatsaechlich eine Nase! Und diese Nase schien ihm sogar irgendwie bekannt vorzukommen. In Iwans Gesicht malte sich Entsetzen. Doch dieses Entsetzen war nichts im Vergleich zu der Wut, die seine Gattin zeigte.
„Wo hast du diese Nase abgeschnitten, du Taugenichts?" schrie sie zornig. „Du Lump, du Saeufer! Ich zeige dich bei der Polizei an! So ein Dummkopf! Ich habe schon von drei Kunden gehoert, dass du beim Rasieren immer so an der Nase ziehst, dass sie fast abgeht!"
Doch Iwan Jakowlewitsch war fast atemlos; denn er hatte bereits erkannt, dass dies niemand anderes Nase war als die des Kollegienassessors Kowaljow, der jeden Mittwoch und Sonntag zum Rasieren kam.
„Warte, Praskowja Ossipowna! Ich wickle sie in ein Tuch und lege sie in die Ecke; so bleibt sie eine Weile liegen, und spaeter werfe ich sie weg."
„Nein! Was, eine abgeschnittene Nase soll in meiner Wohnung liegen, das dulde ich nicht! ... So ein Taugenichts! Er kann nur den Riemen am Rasiermesser abziehen, aber was er tun sollte, das macht er nicht gleich. Du Faulpelz! Du Nichtsnutz! Glaubst du, ich werde fuer dich zur Polizei gehen? Bitte! Du Faulpelz, du Dummkopf! Schaff sie raus! Wohin du willst! Aber ich will sie nicht riechen muessen!"
Iwan Jakowlewitsch stand da wie zerschlagen. Er dachte und dachte -- aber wusste nicht, was er denken sollte. „Wie kann so etwas nur geschehen?" sagte er schliesslich, sich hinter den Ohren kratzend. „Ob ich gestern Abend betrunken nach Hause gekommen bin, weiss ich auch nicht mehr recht. Aber so wie es aussieht, kann das doch alles nicht wahr sein. Erstens: Brot wird gut durchgebacken, eine Nase dagegen ueberhaupt nicht. Das verstehe ich nicht!" Iwan Jakowlewitsch verstummte. Der Gedanke, die Polizei koenne die Nase bei ihm finden und ihn vor Gericht stellen, machte ihn halb wahnsinnig. Vor seinen Augen blitzte bereits der rote Kragen mit den Silberstickereien auf, und ein Schwert glaenzte -- er zitterte am ganzen Leib. Er holte Hose und Stiefel hervor, verkleidete sich moeglichst unscheinbar und ging, begleitet vom Gezeter seiner lieben Gattin, mit der in ein Tuch gewickelten Nase auf die Strasse.
Eigentlich wollte er sie unter den Eckstein eines Haustors stecken oder sie irgendwo auf der Strasse fallen lassen und dann in eine Seitengasse abbiegen. Doch das Pech wollte es, dass er im entscheidenden Moment stets einen Bekannten traf, der ihn fragte: „Wohin des Wegs, Iwan Jakowlewitsch?" oder „Zu wem so frueh zum Rasieren?" -- sodass er keine Gelegenheit fand. Einmal hatte er sie bereits sehr geschickt fallen lassen, doch ein Wachposten in der Ferne deutete mit seinem Stock auf ihn und rief: „Heb das auf! Du hast etwas verloren!" -- sodass Iwan Jakowlewitsch nichts anderes uebrig blieb, als die Nase wieder aufzuheben und in die Tasche zu stecken. Inzwischen oeffneten die Laeden, immer mehr Passanten kamen, und er verlor alle Hoffnung.
Er beschloss, zur Isaaksbruecke zu laufen. Vielleicht konnte er sie irgendwie in die Newa werfen? -- Doch dass wir bis jetzt nichts ueber unseren Iwan Jakowlewitsch berichtet haben, der manche achtbare Eigenschaft besitzt, ist ein Fehler des Autors.
Wie alle ordentlichen russischen Handwerker war Iwan Jakowlewitsch ein fuerchterlicher Saeufer; obwohl er taeglich andere Gesichter rasierte, blieb seines stets unrasiert. Sein Frack (er trug niemals einen Gehrock) war voller Flecken: urspruenglich schwarz, war er ueberall graeulich-gelb geworden; der steife Kragen glaenzte, und von den Knoepfen fehlten drei, nur die Fadenstummel waren noch da. Dennoch war Iwan Jakowlewitsch ein grosser Spoetter. Wenn zum Beispiel der Kollegienassessor Kowaljow beim Rasieren wie ueblich sagte: „Deine Haende, Iwan Jakowlewitsch, riechen immer so faulig!" -- dann antwortete Iwan Jakowlewitsch: „Warum sollten sie denn faulig riechen?" -- „Das weiss ich nicht, Freund, aber sie stinken gewaltig," erwiderte der Kollegienassessor. Iwan Jakowlewitsch nahm eine Prise Schnupftabak und bestrich dann Wangen, Oberlippe, hinter den Ohren, unter dem Kinn -- kurz und gut, wo es gerade traf -- alles mit Seife, als seine Antwort.
FR: [Le Nez -- Russie : Gogol]
[I]
Le vingt-cinq mars, un evenement extraordinairement etrange se produisit a Petersbourg. Le barbier Ivan Iakovlevitch, demeurant rue de l'Ascension (son nom de famille s'est perdu, et sur son enseigne, hormis un monsieur au visage couvert de savon et les mots « Aussi saignees », on ne voyait rien) -- bref, le barbier Ivan Iakovlevitch, demeurant rue de l'Ascension, se reveilla assez tot et sentit aussitot l'odeur du pain fraichement cuit. En se redressant un peu dans son lit, il vit sa femme, qui avait l'air d'une grande dame et aimait particulierement le cafe, sortir du four le pain tout juste cuit.
« Aujourd'hui, Praskovia Ossipovna, je ne veux pas de cafe, » dit Ivan Iakovlevitch, « je prefere un morceau de pain chaud avec des oignons. » (En realite, Ivan Iakovlevitch voulait les deux, le cafe et le pain, mais il savait qu'il etait absolument impossible de demander les deux a la fois, car Praskovia Ossipovna detestait un tel manque de manières.) « Que l'imbecile mange son pain tout seul, cela m'arrange, » pensa sa femme, « il me restera une portion de cafe de plus. » Et elle jeta un pain sur la table.
Ivan Iakovlevitch enfila son frac par-dessus sa chemise, s'assit a table, saupoudra de sel, prepara deux oignons, prit le couteau et, avec un air des plus solennels, se mit a couper le pain. L'ayant coupe en deux, il regarda au milieu et fut effraye d'apercevoir quelque chose de blanc. Ivan Iakovlevitch creusa legerement avec le couteau et tata du doigt. « C'est dur ! » dit-il. « Qu'est-ce que c'est ? »
Il enfonca le doigt et en tira -- un nez !...
Ivan Iakovlevitch retira involontairement la main, se frotta les yeux et tata de nouveau : un nez, un vrai nez ! Et ce nez lui semblait meme vaguement familier. L'horreur se peignit sur le visage d'Ivan. Mais cette horreur n'etait rien comparee a la fureur que manifesta sa femme.
« Ou as-tu coupe ce nez, vaurien ? » cria-t-elle avec colere. « Crapule ! Ivrogne ! Je te denonce a la police ! Espece d'idiot ! J'ai deja entendu trois clients dire que quand tu les rases, tu tires tellement sur le nez qu'il est pret a tomber ! »
Mais Ivan Iakovlevitch n'avait presque plus de souffle ; il avait deja reconnu que ce n'etait autre que le nez de l'assesseur de college Kovalev, qui venait se faire raser tous les mercredis et dimanches.
« Attends, Praskovia Ossipovna ! Je vais l'envelopper dans un chiffon et le mettre dans un coin ; qu'il reste la un moment, je le jetterai plus tard. »
« Non ! Quoi, un nez coupe dans ma maison, jamais de la vie ! ... Vaurien ! Tu ne sais que passer le cuir a rasoir, mais ce que tu devrais faire, tu ne le fais jamais tout de suite. Faineant ! Cretin ! Emporte-le ! Ou tu veux ! Mais que je ne le sente pas ici ! »
Ivan Iakovlevitch restait plante la, comme assomme. Il pensait et pensait -- mais ne savait pas quoi penser. « Comment une telle chose est-elle possible ? » dit-il enfin en se grattant derriere l'oreille. « Si je suis rentre ivre hier soir, je ne m'en souviens plus bien. Mais cette affaire, quoi que j'en pense, ne semble pas reelle. D'abord, le pain est bien cuit, mais un nez, pas du tout. Je n'y comprends rien ! » Ivan Iakovlevitch se tut. A l'idee que la police pourrait trouver le nez chez lui et l'inculper, il faillit devenir fou. Deja il voyait briller devant ses yeux le col rouge aux galons d'argent, et une epee etincelait -- il tremblait de tout son corps. Il sortit pantalon et bottes, s'habilla le plus discretement possible et, accompagne des reproches de sa chere epouse, sortit dans la rue avec le nez enveloppe dans un chiffon.
Son intention etait de le glisser sous la pierre d'une porte cochere ou de le laisser tomber quelque part dans la rue puis de tourner dans une ruelle. Mais la malchance voulut qu'au moment critique il tombat toujours sur une connaissance qui lui demandait : « Ou vas-tu, Ivan Iakovlevitch ? » ou « Chez qui vas-tu raser de si bon matin ? » -- de sorte qu'il ne trouvait aucune occasion. Une fois, il l'avait laisse tomber tres adroitement, mais un factionnaire au loin le montra de sa canne en criant : « Ramasse ! Tu as laisse tomber quelque chose ! » Si bien qu'Ivan Iakovlevitch n'eut d'autre choix que de ramasser le nez et de le fourrer dans sa poche. Cependant les boutiques ouvraient, les passants se faisaient de plus en plus nombreux, et il perdit tout espoir.
Il resolut de courir au pont Saint-Isaac. Peut-etre pourrait-il d'une maniere ou d'une autre le jeter dans la Neva ? -- Mais c'est la faute de l'auteur si jusqu'ici rien n'a ete dit de notre Ivan Iakovlevitch, qui possede bien des qualites respectables.
Comme tous les artisans russes convenables, Ivan Iakovlevitch etait un effroyable ivrogne ; bien qu'il rasat chaque jour le visage des autres, le sien restait perpetuellement non rase. Son frac (il ne portait jamais de redingote) etait couvert de taches : noir a l'origine, il etait devenu partout d'un jaune grisatre ; le col empese brillait, et trois boutons manquaient, ne laissant que les fils. Neanmoins, Ivan Iakovlevitch etait un grand railleur. Par exemple, quand l'assesseur de college Kovalev disait pendant le rasage, comme a son habitude : « Tes mains, Ivan Iakovlevitch, sentent toujours le pourri ! » -- Ivan Iakovlevitch repondait : « Pourquoi sentiraient-elles le pourri ? » -- « Ca, je ne sais pas, ami, mais elles puent terriblement, » repondait l'assesseur de college. Ivan Iakovlevitch prenait une prise de tabac et enduisait alors de savon les joues, la levre superieure, derriere les oreilles, sous le menton -- bref, partout ou sa main se posait -- en guise de reponse.
“您弄错了,可敬的先生;我是我自己。我们之间,不会有什么密切关系的。因为看您衣服上的扣子,就知道您办公是在别的衙门里的。”说完这,鼻子就不理他了。
可伐罗夫完全发了昏;他不知道应该怎么办,甚至于不知道应该怎么想了。忽然间,听到了女人的好听的衣裙声;来了一个中年的,周身装饰着镂空花条的太太,并排还有她的娇滴滴的女儿,穿的是白衣裳,衬得她那苗条的身材更加优美,头上戴着馒头似的喷松的,淡黄的帽子。她们后面跟着高大的从仆,带了一部大胡子,十二条领子和一个鼻烟壶。
可伐罗夫走近她们去,将坎肩上的薄麻布领子提高一点,弄好了挂在金索子上的印章,于是向周围放出微笑去,他的注意是在那春花一般微微弯腰,有着半透明的指头的纤手遮着前额的女人身上了。可伐罗夫脸上的微笑,从女人的帽子荫下,看到胖胖的又白又嫩的下巴,春初的日荫的蔷薇似的面庞的一部分的时候——放得更其广大了。然而他忽然一跳,好象着了火伤。他记得了鼻子的地方,什么也没有了。他流出眼泪来了。他转脸去寻那礼服的绅士,想简直明明白白的对他说:你这五等文官是假冒的,你是不要脸的骗子,你不过是我的鼻子……然而鼻子已经不在,恐怕是坐了马车,又去拜访谁去了。
可伐罗夫完全绝望了。回转身,在长廊下站了一会,并且向各处用心的看,想从什么地方寻出鼻子来。鼻子的帽子上有着羽毛,礼服上绣着金花,他是记得很清楚的。然而怎样的外套,还有车子和马匹的颜色,后面可有好象跟班的人,如果有,又是怎样的服色,他却全都忘掉了。而且来来往往,跑着的马车的数目也实在多得很,又都跑得很快。总是认不清。即使从中认定了一辆罢,也决没有停住它的法子。这一天,是很好的晴天,涅夫斯基大街上的人们很拥挤。从警察桥到亚尼七庚桥的步道上,都攒动着女人,恰如花朵的瀑布。对面来了一个他的熟人,是七等文官,他却叫他中佐的,尤其是在不知底细的人面前。还有元老院的科长约里斤,他的好朋友,这科长,如果打起八人一组的波士顿纸牌来,是包输的人物。还有别一个少佐,也是从高加索捞了头衔来的,向他挥着手,做着他就要过来的信号。
“阿唷,倒运!”可伐罗夫说,“喂,车夫,给我一直上警察总监那里去!”
可伐罗夫刚一跳上车,就向车夫大喝道:“快走——愈快愈好!”
“警察总监在家么?”他刚跨进门,就大声的问道。
“不,没有在家,”门房回答说,“刚才出去了。”
“真可惜!”
“是呀,”门房接下去道,“是刚才出门的,如果您早来一分钟,恐怕您就能够在家里会到他了。”
可伐罗夫仍旧用手帕掩着脸,又坐进了马车,发出完全绝望的声音,向车夫吆喝道:“走,前去!”
“那里去呀?”车夫问。
“走,一直去!”
“怎么一直去呢?这里是转角呀。教我往右——还是往左呢?”
这一问,收住了可伐罗夫的奔放的心,使他要再想一想了。到了这样的地步,第一着,是先去告诉警察署,这也并非因为这案件和警察直接相关,倒是为了他们的办案,比别的什么衙门都快得远。至于想往鼻子所在的衙门的长官那里去控告,希图达到目的,那恐怕简直是胡思乱想,这只要看鼻子的种种答辩就知道,这种人是毫无高尚之处的,正如他说过和可伐罗夫毫不相识一样,那时真不知会说出些什么来呢。可伐罗夫原要教车夫上警察署去的,但又起了一个念头:这骗人的恶棍,那时是初会,装着那么不要脸的模样,现在就说不定会看着机会,从彼得堡逃到什么地方去的。这么一来,一切的搜索就无效了,即使并非无效,唉唉,怎么好呢,怕也得要一个整月的罢。但是,好象天终于给了他启示:他决计跑往报馆,赶快去登详情的广告了。那么,无论谁,只要看见了鼻子,就可以立刻拉到可伐罗夫这里来,或者至少,也准会来通知鼻子的住址。这么一决计,他就教车夫开到报馆去,而且一路用拳头冲着车夫的背脊,不断的喝道:“赶快呀,你这贼骨头!赶快呀,你这骗子!”“唉唉,这好老爷唷,”车夫一面摇着头,说,一面用缰绳打着那毛毛长得好象农家窗上的破布一般的马的脊梁。马车终于停下了。可伐罗夫喘息着,跳进了小小的前厅。在那地方,靠桌坐着一个白发的职员,身穿旧的燕尾服,鼻上架着眼镜,咬了笔,在数收进的铜钱。
“谁是收广告的?”可伐罗夫叫道。
“阿,您好!我就是的!”那白头职员略一抬眼,一说,眼光就又落在钱堆上面了。
“我要在报上登一个广告……”
“请您再稍稍的等一下”,职员说,右手写出数目来,左手扶好了眼镜。一个侍役,从许多扁绦和别的打扮上,就知道是在贵族家里当差的,捧着一张稿纸,站在桌子旁,许是要显显他是社交上的人物罢,和气的说:“这是真的呢,先生,不值一戈贝克的小狗——这就是说,倘是我,就是一戈贝克也不要;可是伯爵夫人却非常之爱,阿唷,爱得要命——所以为了寻一匹小狗,肯悬一百卢布的赏。我老实对您说,您要知道,这些人们的趣味,和我们是完全不同的;为了这么一匹长毛狗或是斑狗,他们就化五百呀,一千卢布,只要狗好,他们是满不在乎的。”
这可敬的职员认真的听着谈天,同时也算着侍役手中的稿纸的字数。侍役的旁边,还站着女人,店员,以及别的雇员之类一大群,手里都拿着底稿。一个是求人雇作品行方正的马车夫;别一个是要把一八一四年从巴黎买来的还新的四轮马车出售;第三个是十九岁的姑娘,善于洗衣服,别的一切工作也来得。缺了一个弹簧的坚牢的马车。生后十七年的灰色带斑的年青的骏马。伦敦新到的萝卜子和芜菁子。连装饰一切的别墅。带着足够种植白桦或松树的余地的马棚两间。也有要买旧鞋底,只要一通知,就在每日八点至三点之间,趋前估价的。挤着这一群人的屋子,非常之小,里面的空气也就太坏了;八等文官可伐罗夫却并没有闻着那气味,虽然也有手帕掩着脸,但还是因为顶要紧的鼻子,竟不知道被上帝藏到那里去了。
“我的可敬的先生,请您允许我问一声——我是极紧急的”,他熬不住了,终于说。
“就好,就好!……两卢布和四十三个戈贝克!……再一下子就好的!……一卢布和六十四个戈贝克!”白发先生一面将底稿掷还给老女人和男当差们,一面说。“那么,您的贵干是?”他转过来问到可伐罗夫了。
“我要……”可伐罗夫开始说,“我遭了诳骗,遭了欺诈了——到现在,我还没有抓住那家伙。现在要到贵报上登一个广告,说是有谁捉了这骗贼来的,就给以相当的谢礼。”
“我可以请教您的贵姓么?”
“我的姓有什么用呢?这是不能告诉你的。我有许多熟人。譬如五等文官夫人契夫泰来瓦呀,大佐夫人沛拉该耶·格里戈利也夫娜呀……如果她们一知道,那可就糟了!您不如单是写:一个八等文官,或者更好是:一位少佐品级的绅士。”
“这跑掉了的小家伙是您的男当差罢?”
“怎么是男当差?那类脚色是玩不出这样的大骗局来的!跑了的是……那是……我的鼻子嗬……”
“唔!好一个希奇的名字!就是那鼻子姑娘卷了您一笔巨款去了?”
“鼻子……我说的是……你这么胡扯,真要命!鼻子,是我自己身上的鼻子,现在不知道逃到那里去了。畜生,拿我开玩笑!”
“不知道逃到那里去,是怎么一回事呢?这事情我总有点儿不明白。”
“是怎么一回事?连我也说不出来呀。但是,紧要的是它现在坐着马车在市上转,还自称五等文官。所以我来登广告,要有谁见,便即抓住,拉到我这里来的。鼻子,是身体上最惹眼的东西!没有了这的我的心情,请您推测一下罢!这又不比小脚趾头,倘是那,只要穿上靴子,就谁也看不见了。每礼拜四,我总得去赴五等文官夫人契夫泰来瓦的夜会,还有大佐夫人沛拉该耶和格里戈利也夫娜·坡陀忒契娜,很漂亮的她的小姐,另外还有许多太太们,和我都很熟识,你想想看,现在我的心情是……我竟不能在她们跟前露脸了!”
职员紧闭了嘴唇,在想着。
“不成,这样的广告,我们的报上是不能登的。”沉默一会之后,他终于说。
“怎,什么?为什么不能?”
“您想,我们的报纸的名声,先就会闹坏的。如果登出鼻子跑掉了这些话来……人们就要说,另外一定还有胡说和谎话在里面。”
“但是,怎么这是胡说呢?谎话是一句也没有的!”
“是的,您是觉得这样的。上礼拜我们就有过很相象的事情。恰如您刚刚进来时候的样子一样,来了一位官员,拿着稿纸,费用是两卢布七十三戈贝克。广告上说的是一匹黑色的长毛狗跑掉了。我告诉您,这是什么意思呢?这是嘲骂;这长毛狗是说着一个会计员的——我不记得是那一个机关里的了。”
“但是,我并不要登长毛狗的广告,倒是我自己的鼻子。这和我要登关于我自己的广告,完全一样的。”
“不成,这样的广告,我是断不能收的。”
“但是,如果我的鼻子真是没有了呢?”
“如果没有了鼻子,那是医生的事情了。能照各人心爱的样式,装上鼻子的医生,该是有着的。不过据我看起来,您是一位有趣的先生,爱对大家开开玩笑。”
“我对你赌咒!天在头上!既然到了这地步,我就给你看罢。”
“请您不要发火!”职员嗅了一点鼻烟,接着说。“总之,如果您自己可以的话,”他好奇似的说,“我倒也愿意看一看的,究竟……”
八等文官于是从脸上拿开了手帕。
“这真是出奇,”职员说,“这地方竟完全平滑了,平滑得象剃刀一样。这是只好相信的了。”
“那么,您也再没有什么争执了罢?可以登报的事实,是你亲自看见了的。我还应该特别感谢您,并且从这机会,使我得到和您熟识的满足,我也很喜欢。”看这些话,这一回,少佐是想说得讨好一点的。
“登报自然也并不怎么难,”职员说,“只是我想,这广告恐怕于您也未必有好处。还不如去找一个会做好文章的文学家,告诉他这故事,使他写一篇奇特的记实,怎么样呢?这东西如果登上了《北方的蜜蜂》(这时他又闻一点鼻烟),既可以教训青年(这时他擦一擦鼻子),也很惹大众的兴味的。”
八等文官是什么希望也没有了。他瞥见了躺在眼前的报章,登着演剧的广告。一看到一个漂亮透顶的女优的名字,他脸上就已经露出笑影来。一面去摸衣袋,看看可有蓝钱票。因为据可伐罗夫的意见,大佐夫人之流是都非坐特等座不可的。但是,一想到鼻子,可又把这个计划打得粉碎了。
报馆人员好象也很同情了可伐罗夫的苦况。他以为照礼数,总得用几句话,来表明自己的意思,以安慰他悲哀的心情。“真的,遭了这等事,多么不幸呵。你要用一点鼻烟么?头痛,气郁,都有效;医痔疮也很灵验的。”馆员一面说,一面向可伐罗夫递过鼻烟壶来,顺手打开了嵌着美人小象的盖子。
这是太不小心的举动。可伐罗夫忍耐不住了。“开玩笑也得有个界限的!”他忿怒的喝道,“你没见我正缺了嗅嗅的家伙吗?妈的你和您的鼻烟!什么东西。这么下等的培力芹烟。自然,就是法国的拉丕烟,也还不是一样!”他说着,恨恨的冲出报馆,拜访警察分局长去了。
当可伐罗夫走进去的时候,分局长正在伸一个懒腰,打一个呵欠,说道,“唉唉,困他这么三个钟头罢!”这就可见八等文官的拜访,是不大凑巧的了。这位分局长,是一切美术品和工艺品的热心的奖励家。但是,顶欢喜的是国家的钞票。“这还切实,”他总爱这么说,“这还切实。再好没有了。不用喂养,不占地方。只要一点小地方,在袋子里就够。即使掉在地上罢——它又是不会破的。”
分局长对可伐罗夫很冷淡。并且说,吃了东西之后,不是调查事情的适宜的时光;休息一下,是造化的命令(听了这话,可伐罗夫就知道这位分局长是深通先哲遗留下来的格言的了)。倘不是疏忽的人,怕未必会给谁拉掉鼻子的。
这就是并非眉毛上,却直接在眼睛上着了一棍子,而且还有应该注意的,是可伐罗夫乃是一位非常敏感的人。有人说他本身,他总是能够宽恕的,但如果关于他的官阶和品级,就决不宽恕,譬如做戏的时候,假使是做尉官级的事情,他都不管,然而一牵涉佐官级的人,却以为不该放任了。可是在分局长的招待上,他却碰得发了昏,只是摇着头,保着两手稍稍伸开的姿势,想不失去他的威严,一面说,“我可以说,你这面既然说了这么不客气的话,我还有什么好说呢。”他于是出去了。
EN: 'You are mistaken, my dear sir; I am myself. There can be no close relationship between us. Judging by the buttons on your coat, you serve in an entirely different department.' Having said this, the nose turned away and paid him no further attention.

Kovalyov was utterly bewildered; he knew neither what to do nor what to think. Suddenly he heard the pleasant rustle of a lady's dress. An elderly woman, adorned all over with lace, approached, and with her a slender young lady in a white dress that charmingly displayed her graceful figure, wearing a straw-colored hat as light as a pastry. Behind them stood a tall lackey with enormous side-whiskers and a whole dozen collars, opening his snuff-box. Kovalyov stepped closer, pulled out the cambric collar of his shirt, arranged the seals hanging from his gold chain, and looked about with smiles in every direction. His gaze fastened upon the airy young lady, who inclined her head like a little spring flower and raised her white hand with its semi-transparent fingers to her forehead. The smile on Kovalyov's face broadened still further when he caught sight beneath the hat of a round, dazzling white chin and part of a cheek blushing like an early spring rose. But suddenly he sprang back as if scalded.

DE: „Sie irren sich, verehrter Herr; ich bin ich selbst. Zwischen uns kann es keine enge Beziehung geben. Denn nach den Knöpfen Ihres Rocks zu urteilen, dienen Sie in einer ganz anderen Behörde." Dies gesagt, wandte sich die Nase ab und beachtete ihn nicht weiter.

Kowaljow war völlig verwirrt; er wusste weder, was er tun, noch was er denken sollte. Plötzlich vernahm er das angenehme Rascheln eines Damenkleides. Eine ältere Dame, ganz mit Spitzen behangen, trat heran, und mit ihr ein schlankes Fräulein in einem weißen Kleid, das ihre zierliche Figur reizend zur Geltung brachte, und in einem strohfarbenen Hut, leicht wie eine Pastete. Hinter ihnen blieb ein großer Lakai mit mächtigen Koteletten und einem ganzen Dutzend Kragen stehen und öffnete seine Schnupftabakdose. Kowaljow trat näher, zog den Batistkragen seines Hemdes heraus, richtete die an seiner goldenen Kette hängenden Petschafte und blickte lächelnd nach allen Seiten. Sein Blick blieb an dem leichten Fräulein haften, das wie ein Frühlingsblümchen leicht den Kopf neigte und ihr weißes Händchen mit den halbtransparenten Fingern an die Stirn führte. Das Lächeln auf Kowaljows Gesicht wurde noch breiter, als er unter dem Hut ein rundes, blendend weißes Kinn und einen Teil der Wange erblickte, die wie eine erste Frühlingsrose errötet war. Doch plötzlich sprang er zurück, als hätte er sich verbrannt.

FR: « Vous vous trompez, cher monsieur ; je suis moi-même. Il ne peut y avoir entre nous de relation étroite. Car à en juger par les boutons de votre redingote, vous servez dans un tout autre ministère. » Cela dit, le nez se détourna et ne lui prêta plus aucune attention.

Kovalev était complètement ahuri ; il ne savait que faire ni que penser. Soudain il entendit le bruissement agréable d'une robe de dame. Une femme âgée, toute chargée de dentelles, s'approcha, et avec elle une jeune demoiselle svelte en robe blanche qui mettait en valeur sa taille gracieuse, coiffée d'un chapeau couleur paille aussi léger qu'une pâtisserie. Derrière elles se tenait un grand laquais aux énormes favoris et à la bonne douzaine de cols, ouvrant sa tabatière. Kovalev s'approcha, tira le col de batiste de sa chemise, arrangea les cachets pendant à sa chaîne d'or et regarda de tous côtés en souriant. Son regard s'arrêta sur la gracieuse demoiselle qui inclinait la tête comme une petite fleur printanière et portait sa main blanche aux doigts semi-transparents à son front. Le sourire de Kovalev s'élargit encore lorsqu'il aperçut sous le chapeau un menton rond d'une blancheur éblouissante et une joue rosée comme une rose de printemps. Mais soudain il recula comme brûlé.

他一直回了家,连脚步声也轻得很。已经黄昏了。找寻是完全没有用。碰了大钉子回来,觉得自己的家也很凄凉,讨厌,一进门,就看见他的男当差伊凡躺在脏透了的软皮沙发上。他仰卧着,在把唾沫吐到承尘上面去,而且又很准,总是吐在同一的地方。真是悠闲无比。一看见,可伐罗夫就大怒了,用帽子打着伊凡的头,喝道:“总做些无聊事,这猪狗!”
伊凡立刻跳起身,用全速力跑过来,帮他脱下了外套。
于是少佐进了自己的屋子里,坐在沙发上,又疲倦,又悲哀,叹了几声,说道:
“唉唉,唉唉,真倒运!如果我没有了一只手,一只脚,或者一条腿,倒还不至于这么坏,然而竟没有了鼻子——畜生!没有鼻子,鸟不是鸟,人也不是人了——这样的东西,立刻撮来,从窗口摔出去罢!倘使为了战争,或是决斗,或是别的什么自己不小心弄掉了,那没有法,然而竟抛得连为什么,怎么样,也一点不明白,光是不见了就完。真奇怪。决不会有这样的事的。”他想了一下,就又说,“无论如何,总是参不透。鼻子会不见的,这多么稀奇。这一定是在做梦,要不然,就是幻想了。也许是刮过胡子,涂擦皮肤的烧酒,错当水喝了罢。伊凡这昏蛋既然模模胡胡,自己就随随便便的接过来了也说不定的。”因为要查明自己究竟醉了没有,少佐就竭力拧一把他的身体,痛得他喊起来。那就全都明白了,他醒着的,他清楚的。他慢慢的走到镜子前面去了,细眯着眼睛,心里想,恐怕鼻子又在老地方了罢,但忽然跳了回来,叫道:“这可多么丑!”
这真是参不透。倘是别的东西:一粒扣子,一个银匙,一只表,那是也会不见的——但却是这样的一个损失……有谁失掉过这样的东西的?而且在自己的家中!可伐罗夫少佐记出一切事情来,觉得最近情理的,是大约只好归罪于大佐夫人坡陀忒契娜才对。她要把她的女儿和他结婚。他也喜欢对这位小姐献媚,不过到底没有开口,待到大佐夫人自己明白表示,要嫁女儿给他了,他却只敷衍一下就完全推脱,说是他年纪还太青,再得办五年公事——那么,自己就刚刚四十二岁了。大佐夫人为了报这点仇,要毁坏他的脸,便从什么地方雇了一两个巫婆来,也是很可能的事。要不然,是谁也不会想到割掉人的鼻子的!那时候,并没有人走进他的屋子来。理发匠伊凡·雅各武莱维支的来刮脸,是礼拜三,礼拜三不必说,就是第二天礼拜四,鼻子也的确还在原地方的——他记得很分明,知道得很清楚。况且不是会觉得疼痛的么?伤口好得这么快,光滑到象剃刀一样,却真是怎么也想不通。他想着各种的计划:依法办理,把大佐夫人传到法庭上去好,还是自己前去,当面斥骂她好呢?……忽然间,从许多门缝里钻进亮光来,将他的思想打断了。这亮光,是伊凡点上了大门口的蜡烛。不一会,伊凡也捧着蜡烛,明晃晃的走进屋里来。可伐罗夫首先第一著,是抓起手帕,遮住了昨天还有鼻子的地方。因为伊凡是昏人,一见他主人的这么奇特的脸,他是会看得张开了嘴巴的。
伊凡刚回到他狗窝一般的小屋里去了不多久,就听得大门外好象有生客的声音,道:“八等文官可伐罗夫住在这里么?”
“请,请进来,是的,他住在这里,”可伐罗夫少佐说着,慌忙跑出去,给来客开门。
进来的是一个两颊很胖,胡子不稀不密,风采堂堂的警察。就是这小说的开头,站在以撒桥根的。
“恐怕您失掉了您的鼻子了罢?”
“一点不错。”
“这东西可又找到了。”
“你说什么?”可伐罗夫少佐不禁大叫起来。高兴得连舌头也不会动了。他只是来回的看着站在自己面前的,在抖动的烛光中发亮的警察的厚嘴唇和面颊。“怎,怎么找到的?”
“事情也真怪:在路上捉住的。他几乎就要坐了搭客马车,逃到里喀去了。护照是早已办好了的。还是一个官员的名字。最妙的是,连我也原当他是一个正人君子的。但幸而我身边有眼镜,于是立刻看出,他却是一个鼻子。我有些近视,即使你这样的站在当面,我也不过模模胡胡的看见你的脸,鼻子呀,胡子呀,以及别的小节目,就分不清。我的丈母,就是我的女人的母亲,也是什么都看不见的。”
可伐罗夫忘了自己了。“在那里呢?那里?我就去,好……”
“您不要着慌就是。我知道这是要紧的,已经自己带了来了。而且值得注意的事是,这案子的主犯乃是住在升天大街的理发匠这坏家伙,他已经脚镣手铐,关在牢监里了。我是早已疑心了他的,他是一个酒醉鬼,也是一个贼骨头,前天他还在一个铺子里偷了一副扣。你的鼻子倒是好好的,一点也没有什么。”警察一面说,一面从衣袋里掏出用纸包着的鼻子来。
“是的是的,这就是的!”可伐罗夫叫了起来,“不错,这就是的!您可以和我喝一杯茶么?”
“非常之好,可是我实在没有工夫了。我还得立刻到惩治监去……现在的食料品真贵得吓人……我有一个丈母,就是我的女人的母亲,还有许多孩子。最大的一个倒象很有希望的——这么一个乖角儿。但要给他好教育,我简直没有这笔款……”
警察走了之后,好一会,八等文官还是昏昏的呆着。这样的过了两三分钟,这才慢慢的能够看见,能够觉得了。弄得那么胡涂,也就是他的欢喜太出意外了的缘故。他用两手捧起寻到的鼻子来,看了一通,又用极大的注意,细看了一次。
“一点不错。正是这个。”可伐罗夫少佐说,“唔,这左边;就有着昨天生出来的滞气。”因为太高兴了,他几乎要出声笑起来。
然而在这地面上,永久的事情是没有的。欢喜也并不两样。后一霎时,就没有那么大了,再后一霎时,就更加微弱,终于也成了平常的心情,恰如被小石子打出来的波纹,到底还是复归于平滑的水面。可伐罗夫又在想,并且悟到这事件还没完结了。鼻子是的确找到了的,但这回必须装上原先的地方去。
“如果装不牢呢?”少佐自己问着自己,发了青。
说不出的恐怖赶他跑到桌子跟前去。为了要鼻子装得不歪不斜,他拿一面镜。两只手抖得很厉害。极小心,极谨慎的他把鼻子摆在老地方。但是,糟了,鼻子竟不粘住!他拿到嘴巴边,呵口气温润它一下,然后再放在两颊之间的平面上,但鼻子却无论如何总不肯粘牢。
“喂,喂,喂!这样的带着罢,你这蠢货!”他对鼻子说。然而鼻子很麻木,象木塞子似的落在桌上了,只发出一种奇特的声音。少佐的脸痉挛了起来。“无论如何,总不肯粘住么?”他吃惊的说。但还去装了好几回——那努力,仍旧没有用。
他叫了男当差来,教他去请医生。那医生,是就住在这大楼二层楼上的好房子里的。风采非凡,有一部好看的络腮胡须和一位健康活泼的太太。每天早上吃鲜苹果,漱口要十五分钟,牙刷有五样,嘴里总弄得非常的干净。医生即刻就到了,问过这事情的发生时期之后,便托着少佐的下巴,抬起他的脸,用第二个指头在原有鼻子的地方弹了一下,少佐赶紧一仰头,后头部就撞在墙壁上。医生说,这是没有什么的,命令他离开些墙壁,把头先往右边歪过去,摸一摸原有鼻子的处所,说道“哼!”然后命令他往左边歪过去,说道“哼!”终于用大指头再弹了一下,使少佐象被人来数牙齿的马匹似的缩了头。经过这样的调查之后,于是他摇摇头,开口道:“不成,这是不行的。还是听它这样好。一不小心,也许会更坏的。自然,我可以替您接上鼻子去,马上接也可以。但我得先告诉您说,这是只会更坏的。”
“顾不得这些了!没有鼻子,我还能出门么?”可伐罗夫大声说。“没有能比现在更坏的了。畜生!这样的一张丑脸,我怎么见人呢?我的熟人,都是些阔绰的太太,今晚上该去的就有两家!我说过,我有许多熟人……首先是五等文官夫人契夫泰来瓦,大佐夫人坡陀忒契娜……虽然吃了她这样的亏,只好在警厅里见面。请你帮一下子罢,先生……”可伐罗夫又恳求的说,“莫非竟一点法子也没有么?接起来试试看。不论好坏,只要安上了就好。不大稳当的时候,我可以用手轻轻的按住的。跳舞是从此不干了。因为一有不相宜的动作,也许会弄坏的。至于您的出诊的谢礼呢,请放心罢,只要我的力量办得到……”
“请您相信我,”医生用了不太高,也不太低,但很清楚,似乎讨好的声音说,“我的行医,是决不为了自己的利益的。这和我的主义和技术相反。的确,我出诊也收些报酬,但这不过因为恐怕不收,倒使病人的心里不舒服罢了。当然,就是这鼻子,倘要给你安上去,那就可以安上去,然而我凭着我的名誉,要请您相信我的话——这是只会更加坏下去的。最好是听其自然。时常用凉水来洗洗。我并且还要告诉您,即使没有鼻子,那健康是和有着鼻子的时候并没两样的。至于这鼻子呢,我劝你装在瓶子里,用酒精泡起来。更好是加上满满的两匙子烧酒和热醋——那么,你一定可以赚一大批钱,如果你讨价不很贵的话,我带了去也可以。”
“不行,不行,怎么卖!”可伐罗夫少佐绝望的叫道,“那倒不如单是不见了鼻子的好了!”
“那么,少陪,”医生鞠一个躬,说,“我真想给您出点力……有什么法子呢?但是,至少,我的用尽了力量,是您已经看得很明白的了。”他说完话,便用了堂皇的姿势,走出屋子去。可伐罗夫连医生的脸也没有看清。深深的沉在无感觉的底里,总算看见了的,是只有黑色燕尾服的袖口和由此露出的雪白干净的小衫的袖子。
第二天,他决定在控告大佐夫人之前,先给她一封信。这信,是问她肯不肯将从他那里拿去的东西,直截爽快的归还的。内容如下:
“亲爱之亚历山特拉·格里戈利耶夫娜!
敝人诚不解夫人如此奇特之行为矣。由此举动,盖将一无所得;亦不能强鄙人与令爱结婚也。今敝鼻故事,全市皆知,夫人之外,实无祸首。此物突然不见,且已逃亡。或化为官员,或仍复本相,此除我夫人,或如我夫人,亦从事于伟业者之妖术之结果而外,岂有他哉。鄙人自知义务,兹特先行通知,假使该鼻子今日中,不归原处,则惟有力求法律之防御与保护而已。
然仍以致敬于夫人为荣之忠仆
柏拉敦·可伐罗夫”
“亲爱的柏拉敦·古兹密支!
你的信真吓了我一大跳。我明白的对你说,好象干了什么坏事似的,得了你这样的训斥,我真是没有想到的。我明白的对你说,象你所说那样的官员,无论他是真相,是改装,我家里都没有招待过。只有腓立普·伊凡诺维支·坡丹七科夫来会过我,好象想要我的女儿(他是一位品端学粹的君子人),但是我连一点口风也没有露。你又说起鼻子。如果这说的是我们回绝了你,什么都落空了的意思,那么,这可真使我奇怪了。首先说出来的倒是你,至于我们这一面,你想必也明白,意思是恰恰相反的。就是现在,只要你正式要求,说要我的女儿,我也还是很高兴的立刻答应你。这不正是我诚心的在希望的吗。我实在是总在想帮帮你的忙的。
你的
亚历山特拉·坡陀忒契娜”
“唔,”看过了信之后,可伐罗夫说,“并不是她。不会有这等事!这封信,就完全不象一个犯人写出来的。”八等文官还在高加索的时候,就受过委派,调查了几个案件,所以深通这一方面的事情。“那么,究竟是怎么着,为了怎样的运命的捣乱,弄成了这样的呢?畜生,这可又莫名其妙了!”他的两只手终于软了下来。
EN: He returned straight home; even his footsteps were barely audible. It was already evening. The search had been utterly fruitless. Coming home defeated, he found his own apartment dreary and disgusting. Scarcely through the door, he saw his manservant Ivan lying on the filthy leather sofa. He was lying on his back, spitting at the ceiling, and hitting the same spot every time with remarkable accuracy. Truly a life of boundless leisure! But such carefree behavior infuriated Kovalyov.

"You scoundrel, always lying on the sofa!" said Kovalyov wrathfully. Ivan leapt hastily from the sofa and helped him off with his cloak. Kovalyov entered his room, exhausted and melancholy. He threw himself into an armchair, and after sighing for a while, said: "My God! My God! Why this misfortune? Had I lost an arm or a leg—that would be bad, but bearable. But a man without a nose—the devil knows what that is: neither fowl nor citizen; just take him and toss him out the window!" He fell into deep reflection on the causes of so strange an occurrence.

DE: Er kehrte nach Hause zurück, selbst seine Schritte waren kaum zu hören. Es war schon Abend. Die Suche war völlig ergebnislos geblieben. Mit einem großen Misserfolg heimgekehrt, erschien ihm die eigene Wohnung trostlos und widerwärtig. Kaum durch die Tür getreten, sah er seinen Burschen Iwan auf dem schmutzigen Ledersofa liegen. Er lag auf dem Rücken und spuckte an die Decke, wobei er immer wieder dieselbe Stelle traf. Wahrlich eine unbegrenzte Muße! Aber ein solches sorgloses Verhalten erbitterte Kowaljow.

„Du Hundsfott, liegst immer auf dem Sofa!" sagte Kowaljow voller Zorn. Iwan sprang hastig vom Sofa und half ihm beim Ausziehen des Mantels. Kowaljow trat in sein Zimmer, erschöpft und traurig. Er warf sich in den Lehnstuhl, und nachdem er eine Weile geseufzt hatte, sagte er: „Mein Gott! Mein Gott! Warum dieses Unglück? Hätte ich einen Arm oder ein Bein verloren — das wäre schlimm, aber doch erträglich. Aber ein Mensch ohne Nase — der Teufel weiß, was das ist: weder Vogel noch Bürger; man nehme ihn und werfe ihn zum Fenster hinaus!" Er verfiel in tiefes Nachdenken über die Ursachen einer so sonderbaren Erscheinung.

FR: Il rentra directement chez lui ; ses pas mêmes étaient à peine audibles. C'était déjà le soir. La recherche avait été parfaitement vaine. Revenu bredouille, il trouva son propre logement sinistre et repoussant. À peine entré, il vit son domestique Ivan couché sur le canapé de cuir crasseux. Allongé sur le dos, il crachait au plafond et atteignait chaque fois le même endroit avec une remarquable précision. Quelle oisiveté sans bornes ! Mais une telle insouciance exaspéra Kovalev.

« Canaille, toujours allongé sur le canapé ! » dit Kovalev avec colère. Ivan bondit précipitamment du canapé et l'aida à retirer son manteau. Kovalev entra dans sa chambre, épuisé et mélancolique. Il se jeta dans un fauteuil et, après avoir soupiré un moment, dit : « Mon Dieu ! Mon Dieu ! Pourquoi ce malheur ? Si j'avais perdu un bras ou une jambe — ce serait terrible, mais supportable. Mais un homme sans nez — le diable sait ce que c'est : ni oiseau ni citoyen ; qu'on le prenne et qu'on le jette par la fenêtre ! » Il tomba dans une profonde réflexion sur les causes d'un phénomène si étrange.

这之间,这一件奇特事件的传说,已经遍满了全市。照例是越传越添花样的。那时候,人们的心都向着异常的事物。大家的试验电磁,就刚刚风行过,而且棚屋街有着能够跳舞的椅子的故事,也还是很新的记忆,所以有了这样的风传,说八等文官可伐罗夫的鼻子每天三点钟一定到涅夫斯基大街去散步,正也毫不足怪的。每天总屯集起一大堆好事之徒来。倘有人说一声鼻子现在雍开尔的铺子里——那铺子近旁便立刻人山人海,不叫警察不行。一个仪表堂堂的投机家,却生着一副很体面的络腮胡子,原是在戏院门口卖着各种饼干和馒头的,福至心灵,就做了许多好看而坚固的木头椅,排起来,每人八十戈贝克,在卖给来看的人们坐。一个武功赫赫的大佐,因为要拥进这里去,特地一早出门,用尽气力,这才分开人堆,走到里面了。但使他非常愤慨的,是在这铺子的窗上所看见的却并非鼻子,不过一张石印画片,画着一个在补毛线衫和袜子的姑娘,和一个身穿翻领的坎肩,留一点小胡子的少年,在树阴下向她看。而且这画片挂在那里,也几乎有十年了。大佐回出来,恨恨的说:“为什么人们竟会给这样无聊的,胡说的谣言,弄得起哄的呢?”后来那传说,又说是可伐罗夫少佐的鼻子的散步,不在涅夫斯基大街了,是在滔里斯公园,并且是早在那里了的,当呵莱士夫·米尔沙(一八二九年到彼得堡来的波斯王之孙)还住在那近旁的时候,他就被这奇特的造化游戏吃过吓。外科专门学校的一班学生也来参观了。一个有名的上流的太太,还特地写信给公园的经理,说是她极想给她的孩子们看看这希罕的现象,如果可以,还希望加一些能作青年们的教训的说明云。
有了这故事,欢迎鼓舞的是夜会的常客,社交界的绅士们。他们最擅长的是使女人们发笑,然而那时却已经再也没有材料了。但是,有很少的一些可敬的,精神高尚的人物,却非常之不满。一位先生愤愤的说,他不解现在似的文明的世纪,怎么还会传布那么愚蠢的谣言;而且他更深怪政府对于这事,何以竟不给它些微的注意。这位先生,是分明属于要政府来管一切事件——连自己平时的夫妇口角的事件的人们之一的。于是而……这事件,到这里又完全罩在雾里了,以后怎样呢——一点也不知道。
【三】
世间也真有古怪得极的事情,有时候,竟连断不能相信的事情也会有。曾经以五等文官的格式,坐着马车,那么哄动过全市的鼻子,居然若无其事似的,忽然在原地方,就是可伐罗夫少佐的两个面颊之间出现了。其时已经是四月初七日。少佐早上醒来,在无意中看了一看镜,却看见了鼻子!用手一撮——真的是鼻子!“嗳哈!”可伐罗夫说,高兴到几乎要在屋子里跳起德罗派克来[15]。但因为伊凡恰恰走进来,他就中止了。他命令他立刻准备洗脸水,洗过脸,再照一照镜——有鼻子!用手巾使劲的擦一下,又照一照镜——有鼻子!
“来瞧一下,伊凡,好象鼻子尖上生了一粒滞气,”他说着,一面自己想:“如果伊凡说:‘阿呀,我的好老爷,不要说鼻子尖上的滞气,你连鼻子也没有呢。’这不是完了!”
然而伊凡说:“没有呀。没有滞气。鼻子干干净净的!”
“好!很好!”少佐独自说,并且两指一擦,响了一声。这时候,门口出现了理发匠伊凡·雅各武莱维支,但好象因为偷了黄油,遭人毒打过一顿的猫儿,惴惴的。
“先对我说,手干净么?”他还远,可伐罗夫就叫起来。
“干净得很。”
“你说谎!”
“天在头上,干净得很的,老爷!”
“那么,来就是!”
可伐罗夫坐着。伊凡·雅各武莱维支围好白布,用了刷子,渐渐的将胡子全部和面颊的一部分,都涂上了商人做生日的时候,常常请人那样的奶油了。“瞧!”理发匠留心的望着鼻子,自己说。于是将可伐罗夫的头转向一边,又从侧面望着鼻子。“瞧!正好。”他说着,总是不倦的看着那鼻子。到底是极其谨慎地,慢慢的伸出两个指头来,要去撮住鼻子尖。这办法,就是伊凡·雅各武莱维支派。
“喂,喂,喂,小心!”可伐罗夫叫了起来。伊凡·雅各武莱维支大吃一惊,垂下手去,着了一生未有的慌。但终于很小心的在下巴底下剃起来了。刮脸而不以身体上的嗅觉机关为根据,在伊凡·雅各武莱维支是很觉得不便,并且艰难的;但总算只用他毛糙的大指按着面颊和下颚,克服了一切障碍,刮完了。
这事情一结束,可伐罗夫就急忙的换衣裳,叫了马车跑到点心店。一进门,他就大喝道,“伙计,一杯巧克力!”同时也走到镜前面——不错,鼻子是在的!他很高兴的转过脸去,着眼,显着滑稽的相貌去看两个军人。其中的一个生着的鼻子,无论如何,总难说它比坎肩上的扣子大。出了点心店,他到那捞个副知事,倘不行,便是监督的椅子的衙门里的事务所去了。走过应接室,向镜子瞥了一眼——不错,鼻子是在的!他于是跑到别一个八等文官,也是少佐的那里去。那人是一个非常的坏话专家,总喜欢找出什么缺点来教人不舒服,当这时候,他是总回答他说:“说什么,我知道你是全彼得堡的聪明才子”的。他在路上想:“如果一见面,那少佐并不狂笑起来,便可见一切处所,全有着该有的东西的了。”但那八等文官却什么话也没有说。“好,很好!”可伐罗夫自己想。回家的路上,他又遇见了大佐夫人坡陀忒契娜和她的女儿。一招呼,就受了欢呼的迎接,也可见他的肉体上,并无什么缺陷了。许多工夫,他和她们站着谈闲天,还故意摸出鼻烟壶来,当面慢慢的塞进两个鼻孔里去给她们看。心里却想道:“怎么样,鸡婆子,你的女儿我却是断断不要的呢。倒也并不是为了什么——Par amour——哼,就是怎么着!”
从此以后,可伐罗夫少佐便好象毫没有过什么似的,又在涅夫斯基大街闲逛;戏园,舞场,夜会——总而言之,无论那里都在出入了。鼻子也好象毫没有过什么似的,安坐在脸中央,绝不见有想要跑掉的样子。后来呢,只见可伐罗夫少佐总是很高兴,总是微笑着,总在恼杀所有的美妇人。有一回,他在百货公司的一个铺子里,买了一条勋章带,但做什么用呢,可是不知道,因为他的身分,是还不够得到无论什么勋章的。
但是——在我们广大的俄罗斯的首府里,发生出来的故事的详细,却大略就如上面那样的东西!在现在,无论谁,只要想一想,是都会觉得有许多胡说八道之处的。鼻子跑掉了,穿起五等文官的礼服来,在种种地方出现的这一种完全是超自然的,古怪的事实,姑且不说罢——但怎么连象可伐罗夫那样的人,就不能托报馆登出一个鼻子的广告之类的事,也会不懂的呢?我在这里,也并非说广告费未免贵一点:这是小事情,而且我也决不是吝啬的人。然而我总觉得这有些不妥当!不切帖!不高明!还有一层,是鼻子怎么会在烤熟的面包里面的呢?而且伊凡·雅各武莱维支又是怎么的?……不,我不懂。什么也不懂!但是,最奇怪,最难懂的是怎么世间的作家们,竟会写着和这一样的对象。其实,这是已经应该属于玄妙界里的了。说起来,恰恰……不,不,我什么也不懂。第一,即使说出许多来,于祖国也没有丝毫的用处;第二……第二也还是并无丝毫的用处呀。我,是什么也不懂的,这究竟是……
但是,将这事件的全体一点一点,一步一步的考察下去,却是做得到的,或者连这样做也可以……然而,是的,那有绝无出乎情理之外的事情的地方呢?——这么一想,则这事件的本末里,却有什么东西存在的。确是存在的。无论谁怎么说,这样的事故,世间却有的——少罢了,然而确是有。
果戈理(Nikolai V. Gogol 1809—1852)几乎可以说是俄国写实派的开山祖师;他开手是描写乌克兰的怪谈的,但逐渐移到人事,并且加进讽刺去。奇特的是虽是讲着怪事情,用的却还是写实手法。从现在看来,格式是有些古老了,但还为现代人所爱读,《鼻子》便是和《外套》一样,也很有名的一篇。
他的巨著《死掉的农奴》,除中国外,较为文明的国度都有翻译本,日本还有三种,现在又正在出他的全集。这一篇便是从日译全集第四本《短篇小说集》里重译出来的,原译者是八住利雄。但遇有可疑之处,却参照,并且采用了Reclam’s Universal–Bibliothek里的Wilhelm Iange的德译本。
(一九三四年九月十六日《译文》第一卷第一期所载,署许遐译。)
【亚庚之死】
亚庚又从街角跳出,看好了周围的形势,举起枪枝,射击起来。这一回他已经知道瞄准,沉静地开枪了。
他首先去打那在灰色的天空之下,看得清清楚楚的烟突,此后是狙击了挂在邻街的角上的一盏大电灯。一开枪,电灯便摇动了。
“打着了哩!”亚庚满足地想。
略略休息之后,他从新射击,打破了杂货店的大玻璃,打着了红色房子的屋角,看见洋灰坠落,尘埃腾起,高兴了。于是又狙击了万国旅馆的嵌镶壁画和招牌。
轰!——在对面的房屋后面忽然发出大声,同时在近旁也起了尖利的嚷叫。
亚庚大吃一惊,蹲了下去。看见红色房子的一角倒坏了。兵士和工人,接着是亚庚,都乱成一团,从转角拚命地向横街逃走,好容易这才定了神,一个一个地停留下来。
“开炮了!”有谁在对面的街角大叫。“留神罢,同志们!”
轰!——又来了炮声。
大家动摇了,但立即镇定,回复了街角的原先的位置。亚呵德尼·略特方面的枪击,也更加猛烈起来。
“敌人在冲锋哩……!”有谁在什么地方的窗子里面叫着。
于是发生了混乱,五个兵士从对面的街角向德威尔斯克街的上段一跑,一群工人也橐橐地响着长靴,跟在那后面跑去了。剩下来的,则并不看定目标,只向着大街乱放。亚庚所加入的一团中,已经逃走了十个人,只留得四个。亚庚发着抖,喘着气,在等候敌人的出现,觉得又可怕,又新鲜。这之间,就看见穿着灰色和蓝色的长外套的人们,从一所房屋里跳到车路上,向亚庚躲着的角落上开着枪,冲过来了。
“他们来哩,”亚庚想。他激动得几乎停了呼吸。
兵士们向横街方面奔逃,叫道:
“来了,来了!……”
亚庚也就逃走,好容易回头一看,但见大家都没命地奔来,他的脊梁便冷得好象浇了冷水。后面的枪声愈加猛烈,仿佛有人要从背后赶上,来打死他似的,亚庚将头缩在两肩之间,弯着腰飞奔,竭力想赶上别人,使枪弹打不着自己……他跟着那逃走的一团,跑进一条小路时,忽然有一个横捏步枪的大汉,在眼前出现了——大喝道:
“站住!乏货!发昏!……回去!枪毙你!”
亚庚逡巡了。那是水兵。
“回去!”
大家错愕了一下,便都站住了。
那水兵一面发着沙声大叫,一面冲出小路,到了横街,径向德威尔斯克街的街角那面去。亚庚很气壮。他自愧他害怕着士官候补生和大学生,至于逃跑,便奋勇跟着水兵,且跑且装子弹,因为亢奋已极了,牙齿和牙齿都在格格地相打。他很想赶上水兵,但水兵却一步就有五六尺,飞似的在跑。只见他刚到街角,便耸身跳上车路,露着身体在开枪了。亚庚走到水兵旁边去看时,那些在亚呵德尼·略特和德威尔斯克街的街角吃了意外的射击的人们,都在慌张着东奔西走,但俄顷之间,在大街和广场上,便都望不见一个人影子了。水兵和亚庚也不瞄准,也不倾听,只是乱七八遭地开枪。忽然间,水兵一跄踉,便落掉了枪枝,亚庚愕然凝视时,只见他呼吸很迫促,大张着嘴,手攫空中,向横街走了两步,便倒在步道上,侧脸浸入泥水里,全身痉挛起来了。亚庚连忙跳上了街角。
“给打死了!水兵给人打死了!”他放开喉咙,向那些从横街跑来的兵士和工人们叫喊:“给人打死了!”
大家同时停住脚,面面相觑。
“到这里来呀!”亚庚说。“他给打死了!”
兵士和工人迟疑不决地一个一个走近街角去,有的是被驱使于爱看可怕的物事的好奇心,有的却轻蔑地看着战死者。
“哈哈……多么逞强呵!”一个兵士恶意地说。“说我们是‘乏货’。现在怎样。我们是乏货哩。”
大家聚在街角上,皱着眉。那水兵是脸向横街,胡乱地伸开了手脚,倒卧着。这时只有亚庚一个,还能够看清这人的情形。他还年青,长着黑色的微须,剪的头发是照例的俄国式。从张着的嘴里,流出紫色的血来,牙齿被肥皂泡一般的通红的唾液所遮掩,那嘴,就令人看得害怕。两眼是半开的,含着眼泪。而且脸面全部紧张着,仿佛要尽情叹息似的:
EN: Meanwhile, the rumor of this extraordinary incident had spread throughout the entire city. As is customary, with each retelling something was added. At that time, people's minds were turned toward the extraordinary. Experiments with electromagnetism had just come into fashion, and the story of the dancing chairs in Straw Hut Street was still a fresh memory. And so the rumor arose that Collegiate Assessor Kovalyov's nose was promenading every day at three o'clock on the Nevsky Prospect. The curious came flocking. Someone claimed the nose was at Junker's shop—and before Junker's shop such a crowd gathered that the police had to intervene. A speculator of respectable appearance, with side-whiskers, who sold pastries in front of the theater, set up specially constructed sturdy wooden benches so the curious could stand on them and see inside; he charged eighty kopecks for admission.
DE: Inzwischen hatte sich die Nachricht von diesem ungewöhnlichen Vorfall in der ganzen Stadt verbreitet. Wie üblich wurde mit jeder Weitererzählung etwas hinzugefügt. Zu jener Zeit waren die Gemüter auf Außergewöhnliches gerichtet. Gerade erst waren Experimente mit dem Elektromagnetismus in Mode gekommen, und die Geschichte von den tanzenden Stühlen in der Strohhüttenstraße war noch in frischer Erinnerung. So kam das Gerücht auf, die Nase des Kollegienassessors Kowaljow spaziere jeden Tag um drei Uhr auf dem Newski-Prospekt. Die Neugierigen strömten herbei. Jemand behauptete, die Nase befinde sich bei Junker in dessen Laden — und vor Junkers Laden entstand ein solches Gedränge, dass die Polizei einschreiten musste. Ein Spekulant von respektablem Äußerem, mit Koteletten, der vor dem Theater Gebäck verkaufte, stellte eigens solide Holzbänke auf, damit die Neugierigen darauf stehen und hineinschauen konnten; er verlangte achtzig Kopeken für den Eintritt.
FR: Entretemps, la nouvelle de cet événement extraordinaire s'était répandue dans toute la ville. Comme de coutume, chaque récit ajoutait quelque embellissement. À cette époque, les esprits étaient tournés vers l'extraordinaire. Les expériences d'électromagnétisme venaient d'être à la mode, et l'histoire des chaises dansantes de la rue des Cabanes était encore dans toutes les mémoires. Ainsi naquit la rumeur selon laquelle le nez de l'assesseur de collège Kovalev se promenait chaque jour à trois heures sur la perspective Nevski. Les curieux accoururent en masse. Quelqu'un prétendit que le nez se trouvait chez Junker — et devant la boutique de Junker s'amassa une telle foule que la police dut intervenir. Un spéculateur d'apparence respectable, portant des favoris, qui vendait des pâtisseries devant le théâtre, installa exprès de solides bancs de bois pour que les curieux pussent y monter et regarder à l'intérieur ; il demandait quatre-vingts kopecks l'entrée.
“唉唉……”
然而说不出。
聚到街角里来的人们,逐渐增多了。然而全都只是看着水兵,并不想去开枪,不知怎地大家是统统顺下着眼睛的,但竟有人用了怯怯的声调,开口道:
“将他收拾掉罢。”
大家又都活泼起来了。
“不错,收拾起来。收拾掉。”
于是就闹闹嚷嚷,好象发见了该做的工作一样,两个兵士便跳上车路,抓住战死者的两手,拖进街角来,从此才扛着运走。亚庚拾取了缀着黑飘带的水兵的帽子,跟在那后面,但终于将帽子放在战死者的胸膛上面,回到街角上来了。在水兵被杀之处,横着他所放过的枪,那周围是散乱着子弹壳。
“吓,可恶的布尔乔亚真凶!”一个工人骂着说。
别的人们便附和道:
“总得统统杀掉他们。”
大家变成阴郁,脸色苍白,不象样子了。独有亚庚却于心无所执迷,一半有趣地在看大家的脸。奇怪的是,战死了的水兵的那满是血污的可怕的嘴,总是剩在眼中,无论看什么地方,总见得象是嘴。地窖的黑暗的窗户,对面的灰色房子附近的狗洞,都好象那可怕的张开的嘴,满盖着血的唾液的牙齿,仿佛就排列在那里似的。他脊梁一发冷,连忙将眼睛滑到旁边。不安之念,不知不觉地涌起,似乎有一种危险已经逼近,却不知道这危险在那里。他想抛了枪,回到家里去了。
工人和兵士们,一句一句,在用了沉重的,石头一般的言语交谈。此时射击稀少了,周围已经平静,而在这平静里,起了远雷一般的炮声。亚庚一望那就在对面的房屋时,所有窗门全都关闭,只有窗幔在动弹,不知怎地总好象那里面躲着妖怪。枪声一响,两响,此后就寂然,又一响,又寂然无声了。倾耳一听,是卢比安加那方面在射击。
忽然间,听到咻咻的声音。
“喂,大家,象是摩托车!”向来灵敏的兵士一面说,便将身一摇,横捏着枪,连忙靠近屋角,悄悄地向亚呵德尼那面窥探。
大家侧耳听时,声音渐渐分明起来了。
“的确:摩托车。来,认清些罢……”
大家立刻振作了,密集在街角上,将枪准备端整。
从亚呵德尼的一角上,有运货摩托车出现,车上是身穿蓝色和灰色的长外套的武装了的一些人,枪枝参差不齐地向四面突出,摩托车正如爬着走路的花瓶,枪,头和手,蓝色的灰色的长外套,就见得象是花朵,摩托车向别一角的方向走,想瞒过人们的眼睛。
亚庚,工人和兵士们,便慌忙前后挤着,对准摩托车行了一齐射击。摩托车立刻停止了,从机器部冒起白烟来,车上的人们将身子左右摇摆,恰如发了痉挛一样。
“唉 唉!……”在亚庚的旁边,起了不象人的,咆哮一般的声音。
被这咆哮声所刺戟的兵士和工人们,便跳到步道上,忘记了危险,聚在一起,尽向摩托车开枪。从比邻的街角,也有兵士和工人们出现,一同猛烈地射击。亚庚一看,只见车上的人们恰如被卷的管子一样,滚落地上,有的爬进摩托车下,有的急得用车轮和横板来做挡牌,想遮蔽自己的身躯,狼狈万状,摩托车的横板被枪弹所削,木片纷纷飞散。见了这情景的亚庚,咽喉已被未尝经历的涌上来的锐利的喜悦所填塞了。
“杀掉!剥皮!”有人在附近大叫道。
“杀掉!”亚庚也出神地大叫。连装弹也急得不顺手地,连呼吸也没有工夫地,只是开枪。
大约过了一分钟罢,摩托车已被破坏,在那上面,在那近旁,没有一个活动的人影子了。
“呵呵!”这边胜利地说。“了不得。一个不剩。”
大家高声欢笑,为热情所激动,为胜利所陶醉,不住地互相顾盼。
然而火一般烧了上来的激情一平静,亚庚便觉得对面的毁掉了的窗户,又象张开的死的巨口了。但大家还在想打死人,在等候什么事情的出现。从远处的街角上,忽然现出一个革制短袄上缀着红十字的臂章,头上罩着白布的年青女人来,以镇静的态度,走向摩托车那面去。围着发红的围巾的一个工人,便举起了枪枝。
“你!喂,你干什么?”一个兵士大声对他说。
工人略略回一回头,但仍将枪托靠在肩膀上。
“不要打岔!这布尔乔亚女人,我将她……”
于是兵士大踏步跑过去,抓住了那工人所拿的枪的枪身。
“昏蛋,不明白么?那是看护妇呀。”
“在打那样的人么?我们是来讨伐女人的么?”别的人也叫起来。“发了疯么你?”
“由我看起来,看护妇这东西……”那工人还想说下去,但大家立刻将他喝住了。
“那边去!”
“给他一个嘴巴,否则他不会明白……”
“看哪,看哪……她多么能干!”
那年青女子在摩托车周围绕了一圈,向那堆着好象破得不成样子了的袋子似的团块的车轮那面,弯了腰一一注视着走,用手去摸,默然无言。
兵士和工人和亚庚,都屏着气看那女人的举动。只见她叫了一声什么,用一只手一挥,就有缀着红十字的臂章的两个兵士,从街角飞跑到摩托车旁,注视着一个团块,于是一个兵转过背来,别一个则将包在外套里的僵硬的袋子拉起,便挂下了一双长统靴,将这些都载在先一个的背上了。就这样地开手收拾着尸体。
当对面在收拾尸体时,这面却在当作有趣的谈资:
“搬走了。又是一个。原来是那么办的,那是我们的搬法呵。”
“瞧呀,瞧呀,那是——大学生。”
“呵呵,这回的是将官了。”
“好高的个子!”
“这是第八个了。”
“真的:我们一个,就抵他们十个。”
亚庚高兴得要发跳。心里想,这是可以做谈天的材料的,待回了家去……
然而,最后的死尸一搬走,兴奋的心情也就消失了。
摩托车就破坏着抛在十字路的中央。
拍拉!
那是起于远处的街角的枪声。大家的脸上即刻显出紧张模样,连忙毕毕剥剥地响着闭锁机,动摇起来。生着黑色的针似的络腰胡子的兵士,走近街角来,断断续续地说道:
“就要前进了,同志们。准备罢。”
“前进,”亚庚自言自语地说,“前进。”
他的心脏发了抖。他跑来跑去,寻觅他自己该站的位置,——他以为前进是排着队伍才走的。
“友军的一队,要经过了后街去抄敌人的后面。一开枪,我们就……”
兵士还没有说完话,在对面的角落上已经开了枪。兵士慌忙叫一声“跟着我来!”而且头也不回地在步道上奔向亚呵德尼·略特方面去了。亚庚喊着“呜拉”——跟定他。并且赶上了大家。独自在众人之前,目不他顾地走。有什么热的东西触着脸,也许是空气,也许是子弹——而风则在他的耳边呻吟。
亚庚在红色房子附近的角上站住了看时,只见蓝色和灰色的外套,正在沿着下面的摩诃伐耶街奔走,他便从背后向他们连开了三回枪。他气盛而胆壮了,又走上亚呵德尼·略特的礼拜堂的阶沿,想更加仔细地观察四面的形势。亚呵德尼·略特,戏院广场,以及所有的街道,是全都空虚的。从小店后面,钻出一群人——大抵是孩子来,在街道的角角落落里聚成黑黑的一团,凝视着兵士和工人的举动,望着抛在十字街头的血污的破掉的摩托车,仿佛在看什么珍奇的事物。孩子们在从摩托车的横板上挖下木片来,并且拾集子弹夹。不多久,群众便混杂在武装的兵士和工人里面了,三个十岁上下的顽皮孩子,站在亚庚的面前,羡慕似的对他看。
“放放瞧,”一个要求说。
这样的要求,是很使亚庚不高兴的。
“走开!”他威吓那孩子说。并且将身靠在礼拜堂的石壁上,横捏着枪,俨然吆喝道:
“不相干的人们走开,要开枪了!”
于是向空中放了一枪。
群众都张皇失措。连兵士和工人们,虽然拿着枪,也动摇混乱起来了。
“走开,走开!”发出了告警的声音。
瞬息之间,群众已经一个不见,象用扫帚扫过了一般,惊惶颠倒的他们,推推挤挤地挨进小杂货店中间,躲起来了。兵士和工人们集合在万国旅馆的近旁,独有亚庚留在礼拜堂的阶沿上。四面没有一个人。自己的伙伴都在对面的街角,破坏了的摩托车的背后。亚庚忽然觉到了只有自己一个人,便害怕起来,疑心从礼拜堂背后会跳出恶棍来,要将他杀掉。帽子下面的他的头发,在抖动了,脸色转成苍白的他,便跳下阶沿,横断街道,跑过摩托车旁,奔向对面的街角的工人们那边去。在途中跌了一交,这使他更加害怕了。
“小心!”在角上的人笑着说。