Lu Xun Complete Works/zh-hi/Fen

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Graves (坟)

Lu Xun (鲁迅, Lǔ Xùn, 1881–1936)


中文(原文) हिन्दी

【父亲】


        M. 唆罗珂夫  
     




       太阳只在哥萨克村边的灰绿色的丛林后面,衰弱地眼了。离村不远是渡船,我必须用这渡到顿河的那一岸去。我走过湿沙,从中就升起腐败的气味来,好象湿透的烂树。道路仿佛是纷乱的兔子脚印一般,蜿蜒着出了丛林。肿胀的通红的太阳,已经落在村子那边的坟地里。我的后面,在枯燥的杂树间缓步着莽苍苍的黄昏。
     


       渡船就系在岸边,闪着淡紫的水在它下面窥。橹在轻轻的跳动,向一边回旋,橹脐也咿哑作响。
     


       船夫正在用汲水勺刮着生了青苔的船底,将水泼出外面去。他仰起头来,用了带黄的,歪斜的眼睛看定我,不高兴地相骂似的问道:
     


       “要摆渡么?立刻行的,这就来解缆子。”
     


       “我们两个就可以开船么?”
     


       “也只得开。立刻要夜了。谁知道可还有什么人来呢。”他卷着裤脚,又向我一看,说:
     


       “看起来,你是一个外路人,不是我们这里的。从那来的呀?”
     


       “我是从营里回来的。”
     


       那人将帽子放在小船里,摆一摆头,摇开了夹着黑色的,高加索银子一般的头发,向我使一个眼色,就露出他那蛀坏的牙齿来:
     


       “请了假呢,还是这么一回事,——偷偷的?”
     


       “是退了伍的。我的年限满了。”
     


       “哦……哦。那么是可以闲散了的……”
     


       我们摇起橹子来。顿河却像开玩笑似的总将我们运进那浸在岸边的森林的新树里面去。水激着容易破碎的龙骨,发出分明的声音。绽着蓝的脉管的船夫的赤脚,就像成捆的粗大的筋肉一样。冷得发了青的脚底,坚韧的牢踏在滑滑的斜梁上,臂膊又长又壮,指节都粗大到突了起来。他瘦而狭肩,弯了腰,坚忍的在摇橹,但橹却巧妙的劈破波头,深入水里去了。
     


       我听到这人的调匀的,无碍的呼吸。从他那羊毛线衫上,涌出汗和烟草,以及水的淡泊味的扑鼻的气味来。他忽然放下橹,回头向我道:
     


       “看起来,好象我们进不去了,我们要在这里的树林里给挤破的了。真糟!”
     


       被一个激浪一打,船就撞在一块峻峭的岩石上。它将后尾拚命一摆,于是总是倾侧着向森林进行。
     


       半点钟后,我们就牢牢地夹在浸水的森林的树木之间了。橹也断了。在橹脐上,摇摇摆摆的飘动着挫折的断片。水从船底的一个窟窿里,滔滔的涌进船里来。我们只好在树上过夜。船夫用腿缠住了树枝,蹲在我的旁边,他吸着烟斗,一面谈天,一面倾听着野鹅的划破我们上面那糊似的昏暗的鼓翼的声响。
     


       “唔,唔,你是回家去的;母亲早在家里等着哩,她知道的:儿子回来了,养她的人回来了;她那年老的心,要暖热起来了。是的……可是你也一定知道,她,你的母亲,白天为你担心,夜里总是淌着酸辛的眼泪,她也全不算什么一回事……她们都是这样的,只要是她们的疼爱的儿子:她们都是这样的……如果你们不是自己生了孩子,抚育起来,你们就永不会知道你们父母的辛苦的心。可是凡有做母亲的,或是做父亲的,都得为孩子们吃多少苦呵!
     


       会有这等事的,剖鱼的时候,女人弄破了那鱼的苦胆。那么你舀起鱼羹来,就要苦得喝不下去。我也正是这样的。我活着,但是总得吃那很大的苦。我耐着,我熬着,但我也时时这样想:‘生活,生活,究竟要到什么时候才是你这坏透了的生活的收场呢?’
     


       你不是本地人,是一个外路人。你告诉我,恐怕我倒是用一条绳套在颈子上的好罢。
     


       我有一个女孩子;她名叫那泰莎。她十六岁了。十六岁。她对我说,‘爸爸,我不愿意和你同桌吃东西。我一看见你的两只手,’她说,‘就记起了你就是用了这手杀掉哥哥的,我的身子里就神魂丧失了。’
     


       但这些事都是为了谁呢,那蠢才却不知道。这正是为了他们,为了孩子们呵。
     


       我早就结了婚,上帝给我的是一个兔子一样很会生养的女人。她接连给我生下了八个吃口,到第九个,她也完结了。生是生得好好的,但到第五天,她就死在热症里。我成了单身了。说起孩子们来,上帝却一个也不招去,虽然我那么恳求……我那大儿子叫伊凡。他是像我的:黑头发,整齐的脸貌。是一个出色的哥萨克,做工也认真。别一个男孩子比伊凡小四岁。像母亲的。小个子,但是大肚子。淡黄头发,几乎是白的了,眼睛是灰蓝的。他叫达尼罗,是我最心爱的孩子。别的七个呢,最大的是女儿,另外都是小虫子……
     


       我给伊凡在本村里结了婚,他也立刻生了一个小家伙。给达尼罗,我也正在搜寻着门当户对的,可是不平静的时代临头了。我们的哥萨克村里,大家都起来反对苏维埃权力。这时伊凡就闯到我这里来:‘父亲,’他说,‘同去罢,我们同红军去!我以基督之名请求你!我们应该帮红军的,因为它是很正当的力量。’
     


       达尼罗也想劝转我。许多工夫,他们恳求我,开导我。但是我对他们说:‘我是不来强制你们的。你们愿意往那去,去就是。可是我呢,我留在这里,你们之外,我还有七张嘴哩,而且张张都得喂的。’
     


       他们于是离了家。在村子里,人们都武装起来了。无论谁,他有什么就用什么。可是他们也来拉我了:上战线去!我在会场上告诉大家道:
     


       ‘村人们,叔伯,你们都知道的,我是一个家长。我家里有七个孩子躺在木榻上,——我一死,谁来管我的孩子们呢?’
     


       我要说的话,我都说了,但是没有用。谁也不理,拉了我送到战线上了。
     


       阵地离我们的村子并不远。
     


       有一天,恰是复活节的前一天,九个俘虏解到我们这里来了。他们里面就有达尼卢式加,我的心爱的儿子。他们穿过市场,被押着去见军官。哥萨克们从家家户户里跑出来,轰的一声,上帝垂怜罢。
     


       ‘他们一定得打死的,这些孱头。如果审问后带回来了,我们什么都不管,先来冷他们一下!’
     


       我站着,膝头发着抖,但我不使人看出我为了自己的儿子达尼罗,心在发跳来。我看见了哥萨克们怎样的在互相耳语,还用脑袋来指点我。于是骑兵曹长亚尔凯沙跑向我来了:‘怎么样,密吉夏拉,如果我们结果共产党,你到场么?’
     


       ‘一定到场的,这些匪徒!’我说。
     


       ‘原来,那就拿了枪,站在这地方,这门口。’
     


       接着他就这样地看定了我:‘我们留心着你的,密吉夏拉,小心些罢,朋友,——你也许会吃不住的。’
     


       我于是站在门前面,头里却旋转着这样的事:‘圣母呵,圣马理亚呵,我真得来杀我自己的儿子么?’
     


       办公室逐渐吵闹起来。俘虏们带出来了。达尼罗就是第一个。我一看见他,便吓得浑身冰冷。他的头肿得像一个桶,皮也打破了。鲜血成了浓块,从脸上涌出。头发上贴着厚的羊毛的手套。是他们打了之后,用这给他塞住伤口的。那手套吸饱了血,干燥了,却还是粘在头发上。可见是将他们解到村里来的路上打坏的。我的达尼罗跄踉的走过廊下来。他一见我,就伸开了两只手。他想对我装笑脸,但两眼已经灰黑凹陷,有一只是全给凝血封住了。
     


       这我很知道:如果我不也给他一下,村人们就会立刻杀死我的。我那些孩子们,便要成为孤儿,孤另另的剩在上帝的广大的世界上了。
     


       达尼罗一到我在站着的地方,他说:‘爸爸——小爸爸,别了。’眼泪流下他的面庞来,洗掉了血污。至于我呢,我可是……我擎不起臂膊来,非常沉重。好象一段树。上了刺刀的枪俨然的横在我的臂膊上,还在催逼了,我就用枪柄给了我那小子一下子……我打在这地方……耳朵上面这里……他叫了起来:呜呜呵——呜呵——,两手掩着脸,跌倒了。
     


       我的哥萨克们放声大笑,道:‘打呀,密吉夏拉,打呀,对你的达尼罗,好象在伤心哩,打呀,要不然,我们就放了你的血。’
     


       军官走到大门口来了,面子上是呵斥大家模样。但他的眼睛是在笑的。
     


       于是哥萨克们都奔向俘虏去,用刺刀干起来了。我的眼前发了黑,我跑掉了,只是跑,顺着街道。但那时我还看见,他们怎样将我的达尼罗踢得在地上滚来滚去。骑兵曹长用刀尖刺进了他的喉咙。达尼罗却不过还叫着:喀喀……”
     


       因了水的压力,船板都瑟瑟地发响,榛树也在我们下面作悠长的呻吟。
     


       密吉夏拉用脚去钩那被水挤逼上来的龙骨,并且从烟斗里叩去未烬的灰,一面说:
     


       “我们的船要沉了。我们得坐在这里的树上,直到明天中午了。真倒运!”
     


       他沉默了很久。随后就又用那低低的,钝滞的声音说了起来:
     


       “为了这件事,他们将我送到高级宪兵队去了。——现在是许多水已经流进顿河里面了,但在夜里我总还是听见些什么,好象一个人在喘呼,在咽气,好象在勒死。就像我那一回跑走的时候,听到了的我那达尼罗的喘呼一样。
     


       这就这样地使我吃苦呵,使我的良心。”
     




       “我们和红军对着阵,一直到春天。于是绥克垒提夫将军来加入了,我们就将他们远远的赶过了顿河,直到萨拉妥夫县。
     


       我虽然是家长,但当兵却是很不容易的,这就因为我的两个儿子都在红军里。
     


       我们到了巴拉唆夫镇。关于我的大儿子伊凡的事,我什么也没有听到,什么也没有知道。但哥萨克们里面,却忽然起了风传了——鬼知道,这是从那里传来的呢,——说伊凡已经从红军被捉,送到第三十六哥萨克中队去了。
     


       我这村里的人们便都嚷了起来:‘我们去抓凡加罢,他得归我们来结果的。’
     


       我们到了一个村,瞧罢,第三十六中队就驻扎在这地方。他们立刻去抓了我的凡加,捆绑起来,拖到办公室。他们在这里将他毒打了一顿,这才对我说道:
     


       ‘押他到联队本部去!’
     


       从这村到本部,远近是十二威尔斯忒。我们的百人团的团长一面交给我押解票,一面说——但他却并不对我看:

चीनी से हिंदी में अनुवाद।

खंड 1

[पिता]

म. सोरोकोव

गाँव के किनारे धूसर-हरी झाड़ियों के पीछे सूर्य मुश्किल से झिलमिला रहा था। गाँव से कुछ दूर वह नौका-पार था जो मुझे दोन नदी के उस पार ले जाने वाला था। मैं गीली रेत पर चल रहा था, जिससे भीगी-सड़ी लकड़ी जैसी गंध उठ रही थी। पगडंडी झाड़ियों में ख़रगोश के उलझे पदचिह्नों-सी बलखाती थी। फूला हुआ सिंदूरी सूर्य गाँव के उस पार कब्रिस्तान के पीछे डूब चुका था। मेरी पीठ पीछे, सूखी झाड़ी में से, विशाल धूसर गोधूलि धीरे-धीरे रेंग रही थी।

नौका किनारे बँधी थी; उसके नीचे हल्के बैंगनी रंग का जल चमक रहा था। चप्पू धीरे-धीरे हिल रहा था, और चप्पू-खूँटी चरमरा रही थी।

नाविक काई-ढके तले को खुरच रहा था, पानी बाहर उलीच रहा था। सिर उठाया, पीली तिरछी आँखों से घूरा, और बुरे मिज़ाज से, लगभग डाँटते हुए बोला:

"पार जाना है? चलो अभी। अभी निकलता हूँ।"

"क्या हम दोनों ही चल सकते हैं?"

"और कौन आएगा? कोई नहीं दिखता। चलो।"

मैं नाव में बैठा। नाविक ने रस्सी खोली, चप्पू पानी में डाला। नाव एक बार हिचकी खाकर किनारे से अलग हुई और धीरे-धीरे धारा में बहने लगी।

"तुम शहर से आए हो?" नाविक ने पूछा, बिना मेरी ओर देखे।

"हाँ।"

"शहर में अच्छा रहता होगा। यहाँ तो..." उसने सिर हिलाया।

चारों ओर शांति थी। केवल चप्पू का पानी काटना और दूर कहीं एक कुत्ते का भौंकना सुनाई देता।

"मेरा एक बेटा था," नाविक ने अचानक कहा। "युद्ध में गया। लौटा नहीं।"

मैं चुप रहा। क्या कहता?

"बीस वर्ष का था। गेहूँ जैसे बाल, माँ जैसी आँखें। उसकी माँ रोते-रोते अंधी हो गई। फिर वह भी मर गई।"

नाव दूसरे किनारे पहुँच गई। मैं उतरा। नाविक ने मेरी ओर देखा — पहली बार सीधे — और उसकी पीली आँखों में कुछ चमका, शायद आँसू, शायद सूर्य का अंतिम प्रतिबिंब।

"जाओ," उसने कहा। "भगवान तुम्हें सुरक्षित रखे।"

मैं चला गया। पीछे मुड़कर देखा — वह अभी भी वहीं खड़ा था, चप्पू पानी में, नाव किनारे से बँधी, गोधूलि में एक अकेली आकृति।


खंड 2

[विज्ञान का अध्ययन: इतिहास]

विज्ञान की इतिहास-विधि (科学史教篇) — चीन में विज्ञान का इतिहास और उसका शिक्षा में स्थान। प्राचीन काल से वर्तमान तक — बेबीलोन, मिस्र, ग्रीस, अरब — विज्ञान कैसे विकसित हुआ, यह इतिहास बताता है। ग्रीक दर्शन ने प्रकृति पर प्रश्न उठाए; अरबों ने गणित और खगोल-विज्ञान में योगदान दिया; यूरोप के पुनर्जागरण ने प्रायोगिक विधि का जन्म दिया।

खंड 3

[सांस्कृतिक विचलन]

मानव इतिहास का चरित्र (人之历史) — डार्विन, हक्सले, हेकेल की विकासवाद-धारा। जीवन की उत्पत्ति और मानव विकास। नीत्शे का अतिमानव सिद्धांत — "ईश्वर मर गया" — और शोपेनहावर की इच्छा-दर्शन। बायरन की स्वतंत्रता-काव्य और शेली का आदर्शवाद। इन सभी ने चीन के बौद्धिक जागरण को प्रभावित किया।

खंड 4

[नैतिक शक्ति का सिद्धांत]

मारा काव्य-शक्ति का सिद्धांत (摩罗诗力说) — "मारा" (शैतानी) कवियों पर। बायरन, शेली, पुश्किन, लेर्मोन्तोव, मित्स्केविच, स्लोवात्स्की, क्रासिंस्की, पेतोफ़ी — ये सब "मारा कवि" थे, विद्रोही, प्रचलित व्यवस्था के विरुद्ध, स्वतंत्रता और न्याय के गायक। लू शुन ने तर्क दिया कि चीन को भी ऐसे विद्रोही कवियों की आवश्यकता है — ऐसी आवाज़ें जो मौन समाज में गूँजें और सोई हुई आत्माओं को जगाएँ।


(1903–1925.)