Lu Xun Complete Works/zh-hi/Feizao

From China Studies Wiki
< Lu Xun Complete Works‎ | zh-hi
Revision as of 05:11, 24 April 2026 by Admin (talk | contribs) (Regenerate bilingual page from DB)
(diff) ← Older revision | Latest revision (diff) | Newer revision → (diff)
Jump to navigation Jump to search

Language: ZH · EN · DE · FR · ES · IT · RU · AR · HI · JA · ZH-EN · ZH-DE · ZH-FR · ZH-ES · ZH-IT · ZH-RU · ZH-AR · ZH-HI · ZH-JA · ← Contents

Soap (肥皂)

Lu Xun (鲁迅, Lǔ Xùn, 1881–1936)


中文(原文) हिन्दी

【鼻子 俄国 果戈理  】



【一】



三月廿五那一天,彼得堡出了异乎寻常的怪事情。住在升天大街的理发匠伊凡·雅各武莱维支(姓可是失掉了,连他的招牌上,也除了一个满脸涂着肥皂的绅士和“兼放淤血”这几个字之外,什么都看不见)——总之——住在升天大街的理发匠,伊凡·雅各武莱维支颇早的就醒来了,立刻闻到了新烤的面包香。他从床上欠起一点身子来,就看见象煞阔太太的,特别爱喝咖啡的他那女人,正从炉子里取出那烤好的面包。


“今天,普拉斯可夫耶·阿息波夫娜,我不想喝咖啡了,”伊凡·雅各武莱维支说;“还是吃一点儿热面包,加上葱。”(其实,伊凡·雅各武莱维支是咖啡和面包都想要的,但他知道一时要两样,可决计做不到,因为普拉斯可夫耶·阿息波夫娜就最讨厌这样的没规矩。)“让这傻瓜光吃面包去,我倒是这样好,”他的老婆想,“那就给我多出一份咖啡来了。”于是就把一个面包抛在桌子上。


伊凡·雅各武莱维支在小衫上罩好了燕尾服,靠桌子坐下了,撒上盐,准备好两个葱头,拿起刀来,显着象煞有介事的脸相,开手切面包。切成两半之后,向中间一望——吓他一跳的是看见了一点什么白东西。伊凡·雅各武莱维支拿刀轻轻的挖了一下,用指头去一摸,“很硬!”他自己说,“这是什么呀?”


他伸进指头去,拉了出来——一个鼻子!……


伊凡·雅各武莱维支不由的缩了手,擦过眼睛,再去触触看:是鼻子,真的鼻子!而且这鼻子还好象有些认识似的。伊凡的脸上就现出惊骇的神色来。但这惊骇,却敌不过他那夫人所表现的气恼。


“你从那里削了这鼻子来的,你这废料?”她忿忿的喝道。“你这流氓,你这酒鬼!我告诉警察去!这样的蠢货,我早听过三个客人说,你理发的时候总是使劲的拉鼻子,快要拉下来!”


但伊凡·雅各武莱维支却几乎没有进气了;他已经知道这并非别人的鼻子,正是每礼拜三和礼拜日来刮胡子的八等文官可伐罗夫的。


“等一等,普拉斯可夫耶·阿息波夫娜!用布片包起来,放在角落上罢;这么搁一下,我后来抛掉它就是。”


“不成!什么,一个割下来的鼻子放在我的屋子里,我肯的!……真是废料!他光会皮条磨剃刀,该做的事情就不知道马上做。你这闲汉,你这懒虫!你想我会替你去通报警察的吗?对不起!你这偷懒鬼,你这昏蛋!拿出去!随你拿到什么地方去!你倒给我闻着这样的东西的气味试试看!”


伊凡·雅各武莱维支象被打烂了似的站着。他想而又想——但不知道应该想什么。“怎么会有这样的事情的呢,”他搔着耳朵背后,终于说,“昨晚上回来的时候,喝醉了没有呢,可也不大明白了。可是,这事情,想来想去,总不象真的。首先,是面包烤得热透了的,鼻子却一点也不。这事情,我真想不通!”伊凡·雅各武莱维支不作声了。一想到如果警察发见这鼻子,就会给他吃官司,急得几乎要死。他眼前已经闪着盘银线的红领子,还看见一把剑在发光——他全身都抖起来了。于是取出裤子和靴子来,扮成低微模样,由他的爱妻的碎话送着行,用布片包了鼻子,走到街道上。


他原是想塞在那里的大门的基石下,或者一下子在什么街上抛掉,自己却弯进横街里面的。然而运气坏,正当紧要关头,竟遇见了一个熟人,问些什么“那里去,伊凡·雅各武莱维支?这么早,到谁家出包去呀”之类,使他抓不着机会。有一回,是已经很巧妙的抛掉的了,但远远的站着的岗兵,却用他那棍子指着叫喊道:“检起来罢,你落了什么了?”这真叫伊凡·雅各武莱维支除了仍然拾起鼻子来,塞进衣袋里之外,再没有别样的办法。这时候,大店小铺,都开了门,走路的人也渐渐的多起来,他也跟着完全绝望了。


他决计跑到以撒桥头去。也许怎么一来,可以抛在涅伐河里的罢?——但是,至今没有叙述过这一位有着许多可敬之处的我们的伊凡·雅各武莱维支,却是作者的错处。


恰如一切象样的俄国手艺工人一般,伊凡·雅各武莱维支是一个可怕的倒醉鬼;虽然天天刮着别人的脸,自己的却是向来不刮的。他那燕尾服(他决没有穿过常礼服)都是斑,因为本来是黑的,但到处变了带灰的黄色;硬领是闪闪的发着光,扣子掉了三个,只剩着线脚,然而伊凡·雅各武莱维支是一位伟大的冷嘲家,例如那八等文官可伐罗夫刮脸的时候,照例的要说:“你的手,伊凡·雅各武莱维支,总是有着烂了似的味儿的!”那么,伊凡·雅各武莱维支便回问道:“怎么会有烂了似的味儿的呢?”“这我不知道,朋友,可是臭的厉害呀。”八等文官回答说。伊凡·雅各武莱维支闻一点鼻烟,于是在面庞上,上唇上,耳朵背后,下巴底下——总而言之,无论那里,都随手涂上肥皂去,当作他的答话。


这可敬的市民现在到了以撒桥上了。他首先向周围一望,接着是伏在桥栏上,好象要看看下面可有许多鱼儿游着没有的样子,就悄悄的抛掉了那包着鼻子的布片,他仿佛一下子卸去了十普特[13]重的担子似的,伊凡·雅各武莱维支甚至于微笑了起来。他改变了去刮官脸的豫定,回转身走向挂着“茶点”的招牌那一面去了,因为想喝一杯热甜酒,——这时候,他突然看见一位大胡子,三角帽,挂着剑的风采堂堂的警察先生站在桥那边。伊凡·雅各武莱维支几乎要昏厥了。那警察先生用两个指头招着他,说道:“来一下,你!”


伊凡·雅各武莱维支是明白礼数的人,他老远的就除下那没边的帽子,赶忙走过去,说道:“阿呀,您好哇。”


“好什么呢。倒不如对我说,朋友,你站在那里干什么了?”


“什么也没有,先生,我不过做活回来,去看了一下水可流得快。”


“不要撒谎!瞒不了我的。照实说!”


“唔唔,是的,我早先就想,一礼拜两回,是的,就是三回也可以,替您先生刮刮脸,自然,这边是什么也不要的,先生。”伊凡·雅各武莱维支回答道。


“喂,朋友,不要扯谈!我的胡子是早有三个理发匠刮着的了,他们还算是很大的面子哩,你倒不如说你的事。还是赶快说:你在那里干什么?”


伊凡·雅各武莱维支的脸色发了青……但到这里,这怪事件却完全罩在雾里了,后来怎么呢,一点也不知道。




【二】



八等文官可伐罗夫醒得还早,用嘴唇弄了个“勃噜噜……”——这是他醒来一定要弄的,为什么呢,连他自己也说不出。可伐罗夫打过欠伸,就想去拿桌上的小镜子,为的是要看看昨夜里长在鼻子尖上的滞气[14]。但他吓了一大跳,该是鼻子的地方,变了光光滑滑的平面了!吓坏了的可伐罗夫拿过水来,湿了手巾,,擦了眼,但是,的确没有了鼻子!他想,不是做梦么,便用一只手去摸着看,拧着身子看,然而总好象不能算做梦。八等文官可伐罗夫跳下床,把全身抖擞了一通——但是,他没有鼻子!他叫立刻拿了衣服来,飞似的跑到警察总监那里去了。


但我们应该在这里讲几句关于可伐罗夫的话,给读者知道这八等文官究竟是怎样的一个人。说起八等文官来,就有种种。有靠着学校的毕业文凭,得到这个头衔的,也有从高加索那边弄到手的。这两种八等文官,就完全不一样。学校出身的八等文官……然而俄罗斯是一个奇特的国度,倘有谁说到一个八等文官罢,那么,从里喀以至勘察加的一切八等文官,就都以为说着了他自己。而且也不但八等文官,便是别的官职和头衔的人们,不妨说,也全是这样的;可伐罗夫便是高加索班的八等文官。他弄到了这地位,还不过刚刚两年,所以没有一刻忘记过这称号。但是,为格外体面和格外出色起见,他自己是从来不称八等文官的,总说是少佐。“好么,懂了罢”,如果在路上遇见一个卖坎肩的老婆子,他一定说,“送到我家里去。我的家在花园街。只要问:可伐罗夫少佐住在这里么?谁都会告诉你的。”倘是漂亮的姑娘,就还要加一点秘密似的嘱咐,悄悄的说道:“问去,我的好人,可伐罗夫少佐的家呀。”所以,从此以后,我们也不如称他少佐罢。


这可伐罗夫少佐是有每天上涅夫斯基大街散步的习惯的。他那坎肩上的领子总是雪白,挺硬。颊须呢,现在就修得象府县衙门里的测量技师,建筑家,联队里的军医,或是什么都独断独行,两颊通红,很能打波士顿纸牌的那些人们模样。这颊须到了面颊的中央之后,就一直生到鼻子那里去。可伐罗夫少佐是总带着许多淡红玛瑙印章的,有些上面刻着纹章,有些是刻着“星期三”“星期四”“星期一”这些字。可伐罗夫少佐的上圣彼得堡,当然有着他的必需,那就是在找寻和他身分相当的位置。着眼的是,弄得好,则副知事,如果不成,便是什么大机关的监督的椅子。可伐罗夫少佐也并非没有想到结婚,但是,必须有二十万圆的赔嫁,那么,读者也就自己明白,当发见他模样不坏而且十分稳当的鼻子,变了糟糕透顶的光光滑滑的平面的时候,少佐是怎样的心情了。


不凑巧的是街上连一辆马车也没有。他只好自己走,裹紧了外套,用手帕掩着脸,象是出了鼻血的样子。“也许是误会的。既然是鼻子,想来不至于这样瞎跑。”他想着,就走近一家点心店里去照镜。幸而那点心店里没有什么人;小伙计们在打扫房间,排好桌椅。还有几个是一副渴睡的脸,正用盘子搬出刚出笼的馒头来。沾了咖啡渍的昨天的报纸,被弃似的放在桌椅上。“谢天谢地,一个人也没有”,他想,“现在可以仔细的看一下了。”他惴惴的走到镜子跟前,就一望,“呸,畜生,这一副该死的脸呵!”他唾了一口,说,“如果有一点别的东西替代了鼻子,倒还好!可是什么也没有!……”


他懊丧得紧咬着嘴唇,走出了点心店。并且决意破了向来的惯例,在路上对谁也不用眼睛招呼,或是微笑了。但忽然生根似的他站住在一家的门前,他看见了出乎意料之外的事。那门外面停下了一辆马车,车门一开,就钻出一个穿礼服的绅士来,跑上阶沿去。当可伐罗夫看出那绅士就是他自己的鼻子的时候,他真是非常害怕,非常惊骇了!一看见这异乎寻常的现象,他觉得眼前的一切东西都在打旋子,就是要站稳也很难。但是,他终于下了决心——发疟疾似的全身颤抖着——无论如何,总得等候那绅士回到车子里。两分钟之后,鼻子果然下来了!他穿着高领的绣金的礼服,软皮裤,腰间还挂着一把剑。从带着羽毛的帽子推测起来,确是五等文官的服装;也可见是因公的拜会。他向两边一望,便叫车夫道:“走罢!”一上车,就这么的跑掉了。


可怜的可伐罗夫几乎要发疯。他不知道对于这样的怪事情,自己应该怎么想。昨天还在他脸上,做梦也想不到它会坐着马车,跑来跑去的鼻子,竟穿了礼服——怎么会有这样的事情呢!他就跟着马车跑上去。幸而并不远,马车又在一个旅馆前面停下了。


他也急急忙忙的跑到那边去。有一群女乞丐,脸上满包着绷带,只雕两个洞,露着那眼睛。这样子,他先前是以为可笑的。他冲过了乞丐群。另外的人还很少。可伐罗夫很兴奋,自己觉得心神不定,只是圆睁了眼睛,向各处找寻着先前的绅士。终于发见他站在一个铺子前面了。鼻子将脸埋在站起的高领里,正在很留神似的看着什么货色。


“我怎么去接近呢,”可伐罗夫想,“看一切——那礼服,那帽子——总之,看起一切打扮来,一定是五等文官。畜生,这真糟透了!”


他开始在那绅士旁边咳嗽了一下,但鼻子却一动也不动。


“可敬的先生……”可伐罗夫竭力振作着,说,“可敬的先生……”


“您贵干呀?”鼻子转过脸来,回答说。


“我真觉得非常奇怪,极可敬的先生……您应该知道您自己的住处的……可是我忽然在这里看见了您……什么地方?……您自己想想看……”


“对不起,您说的什么,我一点也不懂……请您说得清楚些罢。”


“教我怎么能说得更清楚呢?”可伐罗夫想,于是从新振作,接下去道,“自然……还有,我是少佐,一个少佐的我,没了鼻子在各处跑,不是太不象样么?如果是升天桥上卖着剥皮橘子的女商人或者什么,那么,没了鼻子坐着,也许倒是好玩的罢。然而,我正在找一个职位……况且我认识许多人家的夫人——譬如五等文官夫人契夫泰来瓦以及别的……请您自己想想看……真的是没有法子了,我实在……(这时可伐罗夫少佐耸一耸肩膀)……请您原谅罢……这事情,如果照着义务和名誉的法律说起来……不过这是您自己很明白的……”


“我一点也不懂,”鼻子回答说,“还是请您说得清楚些罢。”


“可敬的先生,”可伐罗夫不失他的威严,说,“倒是我不懂您的话是什么意思了……我们的事情是非常明白的……如果您要我说……那么,您是——我的鼻子吗!”


 鼻子看定了少佐,略略的皱一皱眉。

साबुन (肥皂)
लेखक लू शुन (鲁迅)
शीर्षक साबुन — विदेशी साहित्य के अनुवाद
विषय-वस्तु गोगोल, नीत्शे, सादोवेयानू, वाज़ोव, जीद आदि के अनुवाद
अनुवाद क्लॉड / मार्टिन वोएस्लर

सूची पर लौटें

साबुन (肥皂) — लू शुन के अनुवाद

चीनी से हिंदी में अनुवाद।

नाक (鼻子) — रूस: गोगोल

I

पच्चीस मार्च को पीटर्सबर्ग में एक असाधारण रूप से विचित्र घटना घटी। नाई इवान याकोव्लेविच (伊凡·雅各武莱维支), जो असेंशन गली में रहता था (उसका उपनाम लुप्त हो चुका है, और उसके साइनबोर्ड पर, साबुन से लिपटे चेहरे वाले एक सज्जन और "रक्तमोक्षण भी" शब्दों के अतिरिक्त कुछ नहीं दिखता) — संक्षेप में, असेंशन गली का नाई इवान याकोव्लेविच काफ़ी सवेरे जागा और तुरंत ताज़ी रोटी की सुगंध आई। बिस्तर पर थोड़ा उठकर देखा कि उसकी पत्नी, जो बड़ी मैडम की हवा रखती थी और विशेष रूप से काफ़ी की शौक़ीन थी, ओवन से ताज़ी पकी रोटी निकाल रही थी।

"आज, प्रास्कोव्या ओसीपोव्ना (普拉斯可夫耶·阿息波夫娜), मुझे काफ़ी नहीं चाहिए," इवान ने कहा, "गरम रोटी में प्याज़ चाहिए।" (वास्तव में वह दोनों चाहता था, किंतु जानता था कि दोनों एक साथ माँगना असंभव है, क्योंकि प्रास्कोव्या ओसीपोव्ना ऐसे शिष्टाचार-उल्लंघन से घृणा करती थी।) "मूर्ख केवल रोटी खाए, मेरे लिए ठीक," पत्नी ने सोचा, "इससे मुझे काफ़ी का अतिरिक्त हिस्सा मिलेगा।" और मेज़ पर एक रोटी फेंक दी।

इवान ने सज्जनता से फ़्रॉककोट कमीज़ के ऊपर पहना, मेज़ पर बैठा, नमक छिड़का, दो प्याज़ तैयार किए, छुरी उठाई और गंभीर मुद्रा से रोटी काटने लगा। दो भागों में काटकर बीच में देखा — कुछ सफ़ेद! सावधानी से छुरी से खोजा, उँगली से टटोला। "कठोर!" बोला। "यह क्या है?"

उँगली डाली और निकाला... एक नाक!...

इवान ने हाथ पीछे खींचा, आँखें मलीं, फिर टटोला: नाक, वास्तविक नाक! और यह नाक उसे धुँधले-से परिचित भी लगी। इवान के चेहरे पर भय व्याप्त हो गया। किंतु वह भय कुछ भी नहीं था उस क्रोध की तुलना में जो उसकी पत्नी ने प्रदर्शित किया।

"यह नाक कहाँ से काटी, निकम्मे!" वह गरजी। "बदमाश! शराबी! पुलिस को बता दूँगी!"

किंतु इवान साँस भी नहीं ले पा रहा था; उसने पहचान लिया कि यह नाक किसी और की नहीं, सहायक सलाहकार कोवाल्योव (可伐罗夫) की थी, जो प्रत्येक बुधवार और रविवार हजामत बनवाने आता।

बहुत देर तक सोचने के बाद, इवान ने नाक कपड़े में लपेटी और बाहर निकला — किसी पुल या गली में फेंक देने के इरादे से। किंतु बदक़िस्मती ने हर मोड़ पर कोई-न-कोई परिचित सामने ला दिया। अंततः सेंट आइज़ैक पुल पर पहुँचा और नाक नेवा नदी (涅瓦河) में फेंक दी।

II

सहायक सलाहकार कोवाल्योव सवेरे जागा और "ब्र्र्र..." किया — जो सदैव करता, बिना कारण जाने। मेज़ पर का दर्पण उठाया — नाक की नोक पर रात का दाना देखने — किंतु भारी आतंक! नाक के स्थान पर समतल सतह! वह चिकोटी काटकर देखा — स्वप्न नहीं! जल्दी से कपड़े पहने, पुलिस थाने की ओर दौड़ा।

किंतु रास्ते में एक गाड़ी रुकी, एक सज्जन उतरा — स्वर्ण-कशीदे वाली वर्दी, तलवार, ऊँचा कॉलर — और सीढ़ियाँ चढ़कर भवन में अंतर्धान हुआ। कोवाल्योव ने पहचाना: यह उसकी अपनी नाक थी! राज्य सलाहकार (पाँचवाँ दर्जा) की वर्दी में!

"सम्माननीय महोदय..." कोवाल्योव ने साहस जुटाकर कहा।

"क्या चाहते हैं?" नाक ने मुड़कर उत्तर दिया।

"मुझे अत्यंत विचित्र लगता है... आपको अपना स्थान ज्ञात होना चाहिए..."

"क्षमा करें, मैं कुछ नहीं समझा। स्पष्ट बताइए।"

"मैं सहायक सलाहकार हूँ, और बिना नाक के घूमना शोभनीय नहीं..."

"आप ग़लतफ़हमी में हैं। मैं स्वयं हूँ। हमारे बीच कोई संबंध नहीं।"

कोवाल्योव पूर्णतः स्तब्ध रह गया। उसने समाचार-पत्र कार्यालय जाकर विज्ञापन देने का प्रयास किया — "नाक खो गई, पुरस्कार मिलेगा" — किंतु लिपिक ने मना कर दिया: "ऐसा विज्ञापन हम नहीं छाप सकते।"

[गोगोल की कहानी आगे भी जारी रहती है: नाक अंततः एक पुलिस अधिकारी द्वारा पकड़ी जाती है और कोवाल्योव को लौटा दी जाती है।]


जीद का आत्मचित्र — जापान: इशिकावा ताकेशी (石川武)

जीद की फ़्रांसीसी सम्पूर्ण रचनावली के तृतीय खंड में "लेखक का चित्र" शीर्षक का एक संक्षिप्त निबंध है। तिथि अज्ञात; शायद 1901 के आसपास। चूँकि यह अभी भी रोचक है, यहाँ पूर्ण रूप से प्रस्तुत।

उल्लिखित वालोतों (Vallotton) एक प्रसिद्ध फ़्रांसीसी उत्कीर्णक थे। कवि गूरमों (Gourmont) के साहित्यिक निबंध-संग्रह मुखौटों की पुस्तक में उन्होंने अनेक फ़्रांसीसी लेखकों के चित्र बनाए।

(अनुवाद (译文), खंड 1, अंक 2, 16 अक्टूबर 1934 में प्रकाशित।)


प्रेम-गीत — रूमानिया, सादोवेयानू

हमारी गाड़ियाँ ज़ीगोनारी वन के समतल भाग में रुकीं। बड़ी जलती लकड़ी की अलाव गाड़ीवानों को लालिमा में नहला रही थी। अंधेरी दूरी में जुए से मुक्त बैल विश्राम कर रहे थे। रात गुनगुनी और शांत। तारे निर्मल आकाश में जगमगा रहे। अलाव के चारों ओर लोग चिलम पी रहे थे। एक ने गाना शुरू किया — प्रेम और विरह, वन और पर्वत की एक पुरानी धुन।

रूमानिया के वनों में हर अलाव पर यही पुरानी धुनें गूँजतीं — यात्रियों, व्यापारियों, बेघरों का गीत।

(अनुवाद (译文) के अंतिम अंक में, 16 सितंबर 1935 को प्रकाशित।)


ग्राम-महिला — बुल्गारिया, वाज़ोव

(एक ऐतिहासिक प्रसंग)

बीस मई 1876 को — उसी दिन जब बोतेव की सेना बाल्कन में पराजित हुई — एक ग्राम-महिला जो पड़ोसी गाँव एत्रोपोले से आई थी, इस्केर नदी के उथले स्थान पर पहुँची। वसंत की वर्षा से नदी उफ़नाई हुई, भयावह दिख रही थी। किंतु महिला को पार करना था: दूसरी ओर उसके पति और बच्चे प्रतीक्षा कर रहे थे।

उसने निर्णय लिया। किसानी हाथों से नाव जल में धकेली। चप्पू पकड़ा और ख़ेने लगी — धारा के विरुद्ध, भय के विरुद्ध, अंधेरे के विरुद्ध।

इस अनाम महिला की कहानी उस वर्ष बुल्गारिया की कहानी है: प्रचंड धारा में एक छोटी-सी नाव, और दूसरे किनारे तक पहुँचने की अदम्य इच्छाशक्ति।

(अनुवाद (译文) में, 16 सितंबर 1935 को प्रकाशित।)


मृत आत्माएँ (अंश) — रूस, गोगोल

प्रथम दिन, आन्द्रेई इवानोविच (安德烈·伊凡诺维奇) अतिथि के आगमन से कुछ चिंतित थे। किंतु चिंता निराधार निकली। हमारे मित्र पावेल इवानोविच (巴维尔·伊凡诺维奇) ने अनुकूलन की सचमुच उल्लेखनीय प्रतिभा प्रदर्शित की। उन्होंने मेज़बान की दर्शन-प्रणाली को सच्चे अर्थ में विद्वत्तापूर्ण बताया, घोषणा की कि ग्रामीण जीवन ही मनुष्य के योग्य एकमात्र जीवन है। संक्षेप में, पावेल इवानोविच में प्रत्येक व्यक्ति को दिखाने की कुशलता थी कि वे ठीक उन्हीं की राय रखते हैं।

तेन्तेत्निकोव (田登尼可夫) चकित: "अत्यंत विलक्षण व्यक्ति, यह चिचिकोव (乞乞可夫)!" चिचिकोव ने सोचा: "विचित्र प्रकार, यह तेन्तेत्निकोव!" फिर ज़ोर से बोला: "भाई की तरह दो जो माँगता हूँ।" स्वर इतना सच्चा कि तेन्तेत्निकोव लगभग द्रवित हो गया। लगभग — क्योंकि चेतना की गहराई में एक अनाम अविश्वास हिल रहा था।